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डॉ. सुरभि पत्की ने सूरत की नॉन-सर्जिकल फेसलिफ्ट विशेषज्ञता को वैश्विक मंच तक पहुंचाया

18 वर्षों से अधिक का क्लिनिकल अनुभव और 25,000 से अधिक मरीजों का उपचार; सूरत की एस्थेटिक प्रैक्टिशनर को बैंकॉक में होने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में International Faculty और Botox KOL के रूप में आमंत्रण

सूरत: फेशियल एस्थेटिक्स के क्षेत्र में 18 वर्षों से अधिक का क्लिनिकल अनुभव और 25,000 से अधिक मरीजों के उपचार का अनुभव रखने वाली डॉ. सुरभि पत्की अब सूरत में अर्जित अपने क्लिनिकल अनुभव को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मंच तक ले जा रही हैं। अक्टूबर 2026 में उन्हें बैंकॉक स्थित Shinawatra University में आयोजित होने वाली International Aesthetic Science Conference में International Faculty Member और Botox के लिए Key Opinion Leader (KOL) के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में वे दुनिया भर से आने वाले छात्रों और एस्थेटिक प्रैक्टिशनर्स को एस्थेटिक प्रैक्टिस में Botulinum Toxin के उपयोग का प्रशिक्षण देंगी।

7 से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में Botulinum Toxin के क्लिनिकल उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। डॉ. सुरभि पत्की के सत्र में चेहरे की एनाटॉमी, इंजेक्शन तकनीक, क्लिनिकल कंसिडरेशंस, सुरक्षा और संभावित जटिलताओं के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे।

बैंकॉक में यह अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक जिम्मेदारी उनके पेशेवर सफर में एक नया अध्याय है, जहां उनके वर्षों के क्लिनिकल अनुभव को अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण के माध्यम से दुनिया भर के प्रैक्टिशनर्स तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

इसके साथ ही डॉ. सुरभि पत्की दक्षिण कोरिया में Advanced Korean Non-Surgical Facelift और Advanced Korean Skincare Treatments का एडवांस्ड प्रशिक्षण भी लेंगी। इस प्रशिक्षण में आधुनिक Anti-Ageing, Face Contouring और Skin Treatments की उन्नत तकनीकों पर ध्यान दिया जाएगा।

“अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व का क्षण है। खास तौर पर दुनिया भर के एस्थेटिक प्रैक्टिशनर्स के साथ अपना ज्ञान और अनुभव साझा करने का अवसर मिलना मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण है,” डॉ. सुरभि पत्की ने कहा।

डॉ. पत्की की क्लिनिकल प्रैक्टिस में Non-Surgical Facial Lift, Botox, Fillers, Thread Lifts, Skin Boosters और Biostimulators जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। वे प्रत्येक मरीज की जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करने के साथ मरीज की सुरक्षा को विशेष महत्व देती हैं।

डॉ. पत्की ने कहा, “मैं मरीज के चेहरे को बदलने में विश्वास नहीं करती। मेरा मानना है कि उनकी मौजूदा प्राकृतिक विशेषताओं को उनके व्यक्तित्व के अनुरूप और बेहतर तरीके से निखारा जाना चाहिए।”

अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रमों से प्राप्त नए ज्ञान और तकनीकों को वे भारत में अपनी क्लिनिकल प्रैक्टिस में शामिल करने की योजना बना रही हैं।

बैंकॉक में मिली यह अंतरराष्ट्रीय भूमिका डॉ. सुरभि पत्की को दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आने वाले प्रैक्टिशनर्स के साथ अपना क्लिनिकल अनुभव साझा करने का अवसर देगी। डॉ. सुरभि पत्की द्वारा वैश्विक मंच पर भारत और सूरत का प्रतिनिधित्व करना सूरतवासियों के लिए भी गर्व का विषय है।

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