कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूके में पढ़ाई के साथ- साथ कैसे बना सकते है सुनहरा कैरियर, जानिए

दी गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और सहायक निदेशक (रोजगार) कार्यालय / मॉडल कैरियर केंद्र – सूरत (गुजरात सरकार) का संयुक्त तत्वावधान में कक्षा 10 और 12 के छात्रों को बोर्ड की परीक्षा के बाद कौनसे-कौनसे क्षेत्र में कैरियर बनाने के अवसर है इसके बारे में छात्रों को समय पर मार्गदर्शन मिले इस हेतु से कैरियर गाइडेंस फेस्टिवल चल रहा है। जीवनभारती मंडल के जिगर पाठक और हेतल गज्जर ने विदेश में पढ़ाई के साथ-साथ करियर के अवसरों के बारे में छात्रों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।

जिगर पाठक ने कहा कि कक्षा 12 के बाद छात्रों के पास कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड में पीआर के लिए अच्छे अवसर हैं। आम तौर पर छात्र सीधे कॉलेज से स्नातक और विश्वविद्यालय से मास्टर की डिग्री तक अध्ययन करते हैं और फिर विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर छात्र कनाडा में पढ़ाई करना पसंद करते हैं और वहां अपना करियर बनाते हैं। क्योंकि, कनाडा अन्य देशों की तुलना में अधिक उदार है और वहां विकास भी हो रहा है। इसलिए विभिन्न क्षेत्रों में भविष्य के कैरियर के लिए कई विकल्प हैं।

उन्होंने आगे कहा कि कनाडा में अध्ययन करने के लिए छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेजी भाषा परीक्षण प्रणाली (आईईएलटीएस) परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है। इस परीक्षा की तैयारी चार महीने की अवधि में की जाती है। इस परीक्षा की तैयारी के लिए सुनने, पढऩे, लिखने और बोलने पर जोर दिया जाता है। विषय से संबंधित अधिक अभ्यास और पढ़ाई की होगीï उनके लिए इस परीक्षा को क्रैक करना उतना ही आसान होगा। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय में आवेदन करना होता है। कॉलेज या विश्वविद्यालय से उत्तर प्राप्त करने के बाद छात्र वीजा के साथ अध्ययन करने के लिए कनाडा या अन्य देशों में जा सकते हैं।

हेतल गज्जर ने फंड्स एंड फाइनेंस, स्टेटमेंट ऑफ पर्पस, इंटरव्यू प्रिपरेशन, इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम एंड आईईएलटीएस एग्जाम पैटर्न की जानकारी दी। उन्होंने कहा स्टडी वीजा पर छात्र अध्ययन करते है और चार साल के अध्ययन के बाद वे बेचलर होते है और बाद में मास्टर भी करते है। लेकिन ज्यादातर छात्र स्नातक के बाद नौकरी से जुड़ जाते हैं। इसलिए माता-पिता को अपने बच्चों के लिए कम से कम दो साल की शिक्षा और आवास के खर्च के लिए तैयार रहना होगा। ऐसा इसलिए है, क्योंकि दो साल के अध्ययन के बाद तीसरे वर्ष से छात्र अपने ट्यूशन और रहने के खर्च निकालने के लिए छुट्टियों के दौरान अंशकालिक और पूर्णकालिक नौकरियां करते हैं। बाद में छात्रों को इन देशों में स्थायी निवास का अवसर भी मिलता है।

पूरे वेबिनार का संचालन चैंबर एजुकेशन एंड एकेडमिक कोर्सेज कमेटी के सलाहकार और लाइब्रेरी कमेटी के अध्यक्ष अजीत शाह ने किया था।

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