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आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (AM/NS India) की नई ऑटोमोटिव स्टील लाइन सूरत को मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में अधिक सशक्त बनाएगी

पिकलिंग लाइन और टैंडम कोल्ड मिल (PLTCM) का उद्घाटन भारत में जापान के राजदूत महामहिम श्री केइची ओनो द्वारा किया गया

हजीरा – सूरत, अप्रैल 30 2026: आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (AM/NS India) ने आज घोषणा की कि कंपनी के गुजरात स्थित हजीरा फ्लैगशिप प्लांट में अत्याधुनिक पिकलिंग लाइन और टैंडम कोल्ड मिल (PLTCM) का उद्घाटन भारत में जापान के राजदूत महामहिम  केइची ओनो द्वारा किया गया।

प्रति वर्ष 2 मिलियन टन क्षमता वाली यह अत्याधुनिक PLTCM लाइन, AM/NS India की ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि करेगी। जल्द ही यह यूनिट उच्च गुणवत्ता वाले कोल्ड-रोल्ड बेस स्टील का उत्पादन शुरू करेगी, जिसके आधार पर विश्वस्तरीय, प्रथम-प्रकार के तथा पेटेंटेड स्टील सॉल्यूशन्स का निर्माण संभव होगा। ये समाधान आर्सेलरमित्तल और निप्पॉन स्टील जैसी वैश्विक पेरेंट कंपनियों की उन्नत तकनीक पर आधारित हैं। यह नई लाइन भारत को एडवांस्ड हाई स्ट्रेंथ स्टील (AHSS) के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी और ऑटोमोटिव उद्योग की बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायक होगी।

भारत की सबसे उन्नत उत्पादन लाइनों में शामिल यह सुविधा अत्याधुनिक प्रोसेस टेक्नोलॉजी, उच्च स्तरीय ऑटोमेशन और वैश्विक मानकों की गुणवत्ता प्रणालियों से सुसज्जित है। यह प्लांट AHSS, गैल्वनील्ड (GA), गैल्वनाइज्ड (GI) और प्रेस हार्डन्ड स्टील (PHS) जैसे विभिन्न ऑटोमोटिव अनुप्रयोगों के लिए स्टील उत्पादन हेतु डिजाइन किया गया है। यह सुविधा देश की अन्य मिलों की तुलना में अधिक सक्षम है और सभी ऑटोमोटिव कंपनियों को एंड-टू-एंड समाधान प्रदान करने की क्षमता रखती है।

ये समाधान वैश्विक स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) मानकों के अनुरूप हैं, वाहनों को हल्का बनाने में मदद करते हैं जिससे उनकी दक्षता और प्रदर्शन में सुधार होता है, तथा भारत NCAP (BNCAP) के अनुसार वाहन सुरक्षा को भी बढ़ाते हैं।

यह समर्पित ऑटोमोटिव लाइन AM/NS India की डाउनस्ट्रीम क्षमताओं को और मजबूत करेगी तथा 1180 MPa तक की उच्च शक्ति वाले AHSS के उत्पादन को समर्थन देगी, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप है।

यह उद्घाटन AM/NS India के हजीरा प्लांट में चल रहे रू.60,000 करोड़ के विस्तार परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें अपस्ट्रीम, डाउनस्ट्रीम और अन्य सहायक सुविधाओं का विकास शामिल है।

कंपनी की यह नई सुविधा आर्थिक गतिविधियों का एक सशक्त और स्व-निर्भर चक्र स्थापित करेगी, जो न केवल सूरत बल्कि पूरे गुजरात के औद्योगिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। गुजरात लगातार आत्मनिर्भर भारत अभियान में अहम भूमिका निभा रहा है।

महामहिम श्री केइची ओनो ने हजीरा स्थित स्टील प्लांट का दौरा किया और वहाँ चल रही व्यापक गतिविधियों तथा सूरत के औद्योगिक विकास की गति को निकट से देखा।

जापान के राजदूत महामहिम  केइची ओनो ने प्लांट का दौरा कर इसकी संचालन क्षमता और विकास की गति का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।

महामहिम  केइची ओनो ने कहा, “मैं AM/NS India को उनके हजीरा प्लांट में अत्याधुनिक ऑटोमोटिव स्टील शीट उत्पादन लाइन के शुभारंभ के लिए बधाई देता हूँ। जापान की उन्नत तकनीक ने भारत में उच्च गुणवत्ता वाले स्टील उत्पादन को नई दिशा दी है। ‘Make in India, Make for the World’ पहल में जापान का योगदान अब एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है। जापान और भारत के बीच संबंध परस्पर पूरक हैं, जहाँ जापान की तकनीक और पूंजी, भारत की विनिर्माण क्षमता और बढ़ती मांग के साथ मिलकर कार्य करती हैं। हजीरा प्लांट की कार्यक्षमता को प्रत्यक्ष रूप से देखने के बाद मुझे विश्वास है कि दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग और ‘विकसित भारत’ का भविष्य उज्ज्वल है।”

दिलीप ऊम्मेन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), AM/NS India ने कहा, “AM/NS India ‘Make in India’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के प्रति प्रतिबद्ध है। ‘Smarter Steels, Brighter Futures’ के हमारे वचन के अनुरूप, हम अपनी पेरेंट कंपनियों की उन्नत तकनीक और वैश्विक विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए आधुनिक स्टील निर्माण सुविधाओं का विकास कर रहे हैं। PLTCM लाइन का उद्घाटन इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह देश में उच्च गुणवत्ता वाले ऑटोमोटिव स्टील के उत्पादन के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा, आयात पर निर्भरता कम करेगा, सप्लाई चेन को सुदृढ़ बनाएगा और ऑटोमोटिव उद्योग को अधिक सुरक्षित, हल्के और टिकाऊ भविष्य की ओर अग्रसर करेगा।”

नई यूनिट भारत में उच्च गुणवत्ता वाले ऑटोमोटिव फ्लैट स्टील की बढ़ती मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। वर्तमान में यह मांग 7.8 मिलियन टन प्रति वर्ष है और इसके प्रति वर्ष 6-7% की दर से बढ़ने की संभावना है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोटिव उत्पादक देश है और दूसरे स्थान पर पहुंचने के लक्ष्य के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में प्रीमियम और तकनीकी रूप से उन्नत वाहनों के लिए विश्वस्तरीय स्टील की आवश्यकता और भी महत्वपूर्ण होती जा रही है।

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