ताऊते चक्रवाती तूफान में हवा और पानी का जोर, गोगुन्दा में तीन मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले

उदयपुर (कांतिलाल मांडोत) कोरोना महामारी का भय लोगो के जेहन में इस तरह घर कर गया है कि अन्य बीमारिया भी कोरोना के नीचे दब गई है। कई दिनों से ताऊते चक्रवात की वार्ता टॉक ऑफ टाउन बनी हुई थी। जो जहाँ मिलते चक्रवात की बात ही होती थी। उदयपुर सहित क्षेत्र में मंगलवार को पूरे दिन असर छाया रहा। पूरे दिन झमाझम तो कही रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा।

गोगुंदा तहसील में सारे दिन रिमझिम और कही क्षेत्रों में जोरदार बारिश हुई। शाम से हवा चलती रही। उसके साथ ही बारिश भी हुई। रात को हवा चलने से जनजीवन प्रभावित हुआ। लोगो ने सारी रात जगकर काटी। क्योकि हवा के कारण केलुपोष मकान ढहने का भय रहता है।

सायरा पुलिस और गोगुन्दा उपखण्ड कार्यालय से जागरूक रहने की अपील की गई थी। चक्रवात कमजोर पडऩे के साथ ही उदयपुर संभाग में मौसम में परिवर्तन होगा। 21 मई तक रिमझिम का दौर चलेगा। क्षेत्र में बारिश से कृषि संबंधी कार्य मे सरलता रहेगी। किसान ने बुआई की गई है उसके लिए लाभकारी है। गोगुंदा के कई क्षेत्रों में बिजली की आंख मिचौनी से जनजीवन प्रभावित हुआ।

जसवंतगढ़ फीडर से सप्लाई होने वाली बिजली का तरपाल दुरकी घाटी पर बिजली तार टूटने से पुनावली तक बिजली बंद रही। लोगों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। गांवो में वृक्ष टूटने की घटना हुई है। रिमझिम बारिश से मौसम ठंडा हो गया है। एक लॉकडाउन और दूसरा तूफान के भय से लोग घरो में ही रहे। कोरोना गोगुंदा क्षेत्र में यू कहे कि अंतिम स्टेज पर है।

आज गोगुंदा में तीन मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इस मुसीबत के वक्त में अन्य प्राकृतिक आपदा क्षेत्र की कई समस्याएं पैदा करती है। राजस्थान कोरोना प्राभावित राज्य है और यहाँ दूसरी मुसीबत चक्रवात की खड़ी होना बहुत तकलीफदेह है। सायरा चिकित्सा अधिकारी आर एस मीणा ने बताया कि आज से क्षेत्र में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। गोगुन्दा, पदराडा और सायरा में 45 वर्ष से उपर लोगो को टिका लगाया जा रहा है।

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