
गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर सूरत में निकली विशाल जनजागरण रैली
संतों के सान्निध्य में जिला सेवा सदन पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
सूरत। गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने तथा भारत भूमि को गौवध मुक्त बनाने की मांग को लेकर सोमवार को सूरत में विशाल जनजागरण रैली का आयोजन किया गया। देशव्यापी अभियान के दूसरे चरण के अंतर्गत आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में संतों, गोभक्तों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह महाराजा अग्रसेन भवन में सामूहिक विजय मंत्र कीर्तन से हुआ। इसके पश्चात सभी गोभक्त वनिता विश्राम पहुंचे, जहां से भारत के विख्यात संत अग्र मलूक पीठाधीश्वर अनन्त श्री विभूषित जगद्गुरु द्वाराचार्य डॉ. राजेंद्रदास जी देवाचार्य महाराज एवं ग्वाल संत श्री गोपालानंद सरस्वती के सान्निध्य में विशाल जनजागरण रैली जिला सेवा सदन के लिए रवाना हुई।
रैली में बैलगाड़ियां, आकर्षक झांकियां, ढोल-नगाड़े तथा गौसंरक्षण से जुड़े संदेशों वाले बैनर आकर्षण का केंद्र रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सफेद टी-शर्ट पहनकर हाथों में तख्तियां एवं बैनर लेकर शामिल हुए और गौसंरक्षण के समर्थन में नारे लगाए।
रैली के जिला सेवा सदन पहुंचने पर महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने तथा देशभर में गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।
अभियान के अंतर्गत चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में प्राप्त हजारों हस्ताक्षरों को लाल कपड़े के पोटलों में बांधकर बैलगाड़ियों के माध्यम से रैली में लाया गया। वहीं गोभक्तों द्वारा अपने रक्त से लिखे गए पत्र भी अभियान का विशेष आकर्षण रहे, जिन्हें सरकार तक पहुंचाने की बात कही गई।
आयोजकों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य गौसंरक्षण, गौसंवर्धन एवं भारतीय संस्कृति के प्रति जनजागरण करना है। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर सभी संतों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं तथा गोभक्तों का आभार व्यक्त किया गया।



