
डेंग्यू-मलेरिया के बढ़ते मामलों के बीच नई सिविल अस्पताल में रक्तदान शिविर, 42 यूनिट रक्त एकत्र
डॉक्टरों से लेकर सफाईकर्मियों तक ने किया रक्तदान
सूरत। शहर में डेंग्यू, मलेरिया, वायरल बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों के मामलों में वृद्धि के बीच नई सिविल अस्पताल की ब्लड बैंक में रक्त की कमी को दूर करने के लिए विशेष रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ सहित अस्पताल के विभिन्न कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। इस दौरान 42 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।
नई सिविल अस्पताल में प्रतिमाह करीब 2 हजार यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में ब्लड बैंक में स्टॉक सीमित है। अस्पताल के ब्लड बैंक प्रमुख डॉ. जितेंद्र पटेल ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन करीब 80 से 90 यूनिट रक्त की जरूरत पड़ती है। दुर्घटना, प्रसव, बड़े ऑपरेशन, सिकल सेल एनीमिया और गंभीर डेंग्यू मरीजों के उपचार में रक्त की महत्वपूर्ण आवश्यकता होती है।
डॉक्टरों से लेकर सफाईकर्मियों तक ने किया रक्तदान
‘चैरिटी बिगिन्स एट होम’ की भावना के तहत सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. लक्ष्मण तेहलानी, डॉ. सुमित जागाणी, डॉ. बर्मन सहित चिकित्सकीय एवं नर्सिंग स्टाफ, सैनिटरी इंस्पेक्टर, सुपरवाइजर और सफाई कर्मचारियों ने रक्तदान किया।
डॉ. जितेंद्र पटेल ने कहा कि रक्त की प्रत्येक बूंद जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन बचाने में निर्णायक साबित हो सकती है। दूर-दराज से आने वाले ऐसे मरीज, जिनके साथ कोई परिजन नहीं होता, उन्हें भी अस्पताल की 24 घंटे कार्यरत ब्लड बैंक से जरूरत के अनुसार नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाता है।
गणेशोत्सव और नवरात्रि में रक्तदान की अपील
अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पारूल वडगामा ने गणेशोत्सव और नवरात्रि के दौरान नागरिकों, युवाओं और स्वैच्छिक संस्थाओं से अधिक से अधिक रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदान के समान है। त्योहारों की खुशियों के बीच सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए नागरिकों को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
शिविर में आरएमओ डॉ. केतन नायक, TNAI के सचिव इकबाल कडीवाल, नर्सिंग सुप्रिटेंडेंट निरजा पटेल एवं भाविनी पटेल सहित ब्लड बैंक के चिकित्सक और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।



