
सूरत में टेक्निकल टेक्सटाइल्स में वुवन का अच्छा भविष्य, उद्योगपतियों के साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा
मुकुंद आप्टे ने ‘टेक्निकल टेक्सटाइल्स का भविष्य’ विषय पर सेमिनार में किया मार्गदर्शन
द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एन्ड इंडस्ट्री द्वारा शनिवार 30 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे सूरत इंटरनेशनल एक्जीबीशन एन्ड कन्वेंशन सेंटर समृद्धि में ‘टेक्निकल टेक्सटाइल्स में भविष्य’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें विशेषज्ञ वक्ता के तौरपर मुंबई स्थित एम.एस. एसोसिएट्स के डायरेक्टर मुकुंद आप्टे ने कपड़ा उद्योग को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
मुकुंद आप्टे ने सूरत सहित दक्षिण गुजरात में वुवन, नीटेड वुवन्स और अन्य उत्पादों के भविष्य पर चर्चा की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में टेकनिकल टेक्सटाइल्स की स्थिति पर भी प्रकाश डाला। हालांकि, उन्होंने सूरत में टेकनिकल टेक्सटाइल्स में वूवन के भविष्य पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि सूरत में टेक्सटाइल इंडस्ट्री वीविंग और प्रोसेसिंग बेज है। सूरत कच्चे माल के लिए सिंथेटिक्स का केंद्र भी है। सिंथेटिक उत्पादों की पूरी आपूर्ति श्रृंखला सूरत में उपलब्ध है। सूरत में स्पेश्यलाइज यार्न और मेन्यूफेक्चरर्स भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा आयातित कच्चा माल भी आसानी से आ सकता है क्योंकि सूरत में बंदरगाह की सुविधा है। कुल मिलाकर सूरत में टेकनिकल टेक्सटाइल्स के भविष्य के लिए बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी, मशीनरी, कौशल, अनुभव और बाजार भी उपलब्ध है।
सूरत में टेकनिकल टेक्सटाइल्स में वूवन के लिए बहुत अच्छा भविष्य है। हालांकि इसके लिए युवा उद्यमियों, तकनीकी विशेषज्ञों, बाजार सलाहकारों आदि का सहयोग लिया जाना चाहिए। सभी को मिलकर काम करना है। क्योंकि, टेक्निकल टेक्सटाइल्स में हर चीज खास होनी चाहिए। विनिर्देश के अनुसार, गुणवत्ता में सुधार बहुत महत्वपूर्ण है और निरंतरता बनाए रखी जानी चाहिए। इन सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही टेकनिकल टेक्सटाइल्स में वुवन के लिए अच्छे अवसर पैदा कर सकते हैं। एमएसएमई, लघु उद्योग और वीविंग इंडस्ट्री के विकास के साथ-साथ घरेलू बाजार में खपत के लिए भी सरकारी नीति समर्थन की आवश्यकता है।
उन्होंने आगे कहा कि चीन टेकनिकल टेक्सटाइल्स में आगे है लेकिन पिछले दो साल से दुनिया भर में कोविड-19 से पैदा हुए हालात को देखते हुए दुनिया अब भारत की ओर देख रही है। वर्ष 2004-05 में भारत ने जो अवसर गंवाया था वह फिर से आ गया है और यदि इस अवसर को भुनाने का हर संभव प्रयास किया जाए तो चीन के 50 प्रतिशत बाजार पर कब्जा किया जा सकता है। यहां तक कि दुनिया की बड़ी कंपनियां भी भारत में निवेश करने की इच्छुक हैं।
चैंबर के अध्यक्ष आशीष गुजराती ने सभी उद्यमियों से टेकनिकल टेक्सटाइल्स में वूवन के लिए जो भविष्य दिखायी दे रहा है, उसे साकार करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। चैंबर के ग्रुप चेयरमैन अमीश शाह ने स्वागत भाषण दिया। अंत में चैंबर की टेकनिकल टेक्सटाइल्स समिति के अध्यक्ष परेश ठुमरे ने सभी का धन्यवाद करते हुए सेमिनार का समापन किया।



