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एमएसएमई के प्रावधानों को लेकर वित्त मंत्री से कैट ने लगाई गुहार

सूरत। आय कर के क़ानून 43(बी)एच को लेकर दिल्ली सहित देश भर के व्यापारियों में उपजी चिंताओं को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन से उनके कार्यालय में मुलाक़ात की। खंडेलवाल ने इस विषय पर एक ज्ञापन देकर कहा कि देश का व्यापारी वर्ग सरकार के इस कदम का स्वागत करता है, जो व्यापारियों के बृहद हित में है। किंतु अभी देश भर में व्यापारियों को इसकी जानकारी न होने से इस क़ानून की पालना में परेशानियाँ आ रही है। इस दृष्टि से उन्होंने आग्रह किया कि इस क़ानून को एक वर्ष के लिए स्थगित किया जाये।

सीतारमन ने इस विषय पर व्यापारियों की चिंताओं को बेहद ध्यानपूर्वक सुनते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बेहद संवेदनशील है और इस मामले पर पूर्ण रूप से विचार किया जाएगा। कैट ने अपने ज्ञापन में कहा है कि सरकार का यह निर्णय स्वागतयोग्य है क्योंकि आय कर क़ानून में इस धारा के जुड़ने से अब एमएसएमई सेक्टर को अपने द्वारा दिये गये माल का पेमेंट भुगतान अधिकतम 45 दिनों में मिल जाएगा। जिससे व्यापारियों का पूँजी प्रवाह रुकेगा नहीं, किंतु अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह क़ानून व्यापारियों पर लागू होगा अथवा नहीं। वहीं इस क़ानून से जुड़े अन्य अनेक विषय हैं, जिनका स्पष्टीकरण आवश्यक है, ताकि क़ानून की पालना की जा सके।

कैट गुजरात के चेयरमैन प्रमोद भगत और गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन चंपालाल बोथरा ने अनुरोध किया है कि अधिनियम से संबंधित मुद्दों को स्पष्ट होने और देश भर के व्यापारियों को अधिनियम के बारे में पर्याप्त जानकारी मिलने तक अधिनियम को स्थगित रखा जाए।

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