दु:ख भरे दिन बीते रे भैया! गोगुंदा में एक कोरोना संक्रमित मरीज मिला

उदयपुर (कांतिलाल मांडोत)। कोरोना महामारी से घबराई जनता के दिलोदिमाग में अभी तक डर समाया हुआ है। उदयपुर शहर सहित गांवो में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चिंताग्रस्त है। विशेष तौर पर बच्चों को इस महामारी के संक्रमण से बचाना होगा। राज्य सरकार जन जागरूकता अभियान और संक्रमण के बचाव के लिए पूर्व तैयारियां कर रही है। वैसे भी कोरोना के नए मामलों में बहुत गिरावट आई है।

कोरोना महामारी की भयावहता के बीच कोरोना से भी गंभीर बीमारी ब्लैक फंगस सब जगह फैलने लग चुका है। बुधवार को एमबी अस्पताल में कई ब्लैक फंगस के मरीज आए। समय पर इसका इलाज होना जरूरी है। क्योंकि यह कोरोना से भी भयंकर बीमारी है। म्यूकोरमाइकोसिस के मरीज मिले है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद ब्लैक फंगस के मरीज ज्यादा सामने आ रहे है। शहर के निजी और सरकारी अस्पताल में रोजाना नए ब्लैक फंगस के मरीज भर्ती हो रहै है। इस बीमारी का संक्रमण नाक से आंख और मस्तिष्क तक पहुँचता है। उसके बाद केस गंभीर हो जाता है।

लोकडाउन की वजह से गोगुंदा जगलिया मोवड़ी पर सन्नाटा पसरा हुआ है। सड़क पर आवागमन बन्द है।

जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिती को देखते हुए 144 की धारा आगामी जून तक जारी रहेगी। इसमें सार्वजनिक स्थानों पर हर व्यक्ति मास्क पहनने और दो गज की दूरी का पालन करना या अनिवार्य है। ग्रामीणों द्वारा लॉकडाउन में ऐतियाहत के कदम उठाए जाने से क्षेत्र में कोरोना संक्रमित मरीज घटकर एक उपर स्थगित हुआ है। आज गोगुंदा में एक मरीज निकल कर आया। लॉकडाउन के बाद लोग घरों में रहते हुए को मात  देने में सफल हुए है। गांवो में डोर टू डोर सर्वे शुरू किया गया है। 45 पार के लोगो को टिका लगाया जा रहा है। गांवो में किसी भी प्रकार की खांसी,बुखार के मरीजों को दवाइयां दी जा रही है। ब्लैक फंगस की बीमारी पर गांवो में सतर्कता बरती जा रही है।

सायरा चिकित्सा अधिकारी आर एस मीणा ने बताया कि 45 वर्ष के ऊपर के लोगो को टिका लगाया गया। जिसमें शुरुआती दौर में 175 व्यक्ति को वैवसीन लगाई गई है। गोगुंदा में लोगो ने गांव में नही घूमने का निर्णय लिया।आज गोगुंदा में कोरोना भूतकाल बनता जा रहा है। गोगुंदा में सात दिन के लॉकडाउन की पालना का यह प्रतिफल है कि गोगुंदा आने वाले कुछ ही दिनों में कोरोना मुक्त होने की पूरी संभावना है। लेंकिन फिर से किसी भी प्रकार की लापरवाही नही की जानी चाहिए।

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