सूरत

“घर के पुलिस बनें बच्चे, माता-पिता को हेलमेट के बिना बाहर न जाने दें” : उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी

निजी स्कूल छोड़ 4,708 विद्यार्थियों ने सूरत मनपा की सरकारी स्कूलों पर जताया भरोसा

सूरत। “प्रगति का शाला प्रवेशोत्सव एवं कन्या केलवणी महोत्सव-2026” के अंतर्गत खटोदरा कॉलोनी स्थित नगर प्राथमिक शिक्षा समिति संचालित स्कूल क्रमांक 45, 46 और 275 में बालवाटिका एवं कक्षा 1 में प्रवेश लेने वाले 373 नन्हे विद्यार्थियों का उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कुमकुम तिलक कर उत्साहपूर्वक स्वागत किया और उन्हें विद्यालय में प्रवेश दिलाया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने बच्चों को अपनी ओर से ड्रॉइंग बुक, कलर पेन बॉक्स सहित शैक्षणिक किट भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। नए विद्यार्थियों का विशेष स्वागत करते हुए उनके कुमकुम से सजे चरणों की छाप रूमाल पर लेकर स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की गई।

दो दशक से अधिक की सफल यात्रा बना शिक्षा का महायज्ञ

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दो दशक से अधिक समय से आयोजित हो रहा शाला प्रवेशोत्सव अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का महायज्ञ बन चुका है। बेटों के साथ बेटियां भी शिक्षा प्राप्त कर समाज, राज्य और देश का नाम रोशन करें, इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा कि सूरत एक विशाल हृदय वाला शहर है, जहां विभिन्न भाषाई परिवारों के बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए महानगरपालिका ने गुजराती, मराठी, हिंदी, उर्दू, ओड़िया और अंग्रेजी माध्यम की स्कूलें शुरू की हैं। वर्तमान में मनपा की स्कूलों में 1,99,186 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

सरकारी स्कूलों की बढ़ती लोकप्रियता

श्री संघवी ने कहा कि मनपा संचालित स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता लगातार बढ़ रही है, जिसका प्रमाण निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या है। अब तक 4,708 विद्यार्थियों ने निजी स्कूलों को छोड़कर मनपा की स्कूलों में प्रवेश लिया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिले में 21,113 नए विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जिनमें बालवाटिका के 9,028 बच्चे शामिल हैं।

मोबाइल से दूरी और संस्कारयुक्त शिक्षा पर जोर

उपमुख्यमंत्री ने शिक्षकों और अभिभावकों से बच्चों को केवल मोबाइल और पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर खेल-खेल में सीखने का वातावरण बनाने का आग्रह किया। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वच्छता को अपनाने और अपने परिवार व समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।

“घर के पुलिस बनें बच्चे”

यातायात सुरक्षा पर जोर देते हुए श्री संघवी ने बच्चों से कहा कि वे “घर के पुलिस” बनें और यदि उनके माता-पिता हेलमेट पहने बिना बाहर जा रहे हों तो उन्हें रोकें और हेलमेट पहनने के लिए आग्रह करें। उन्होंने कहा कि माता-पिता का जीवन अमूल्य है और थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

स्कूल परिसर में हुआ वृक्षारोपण

इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन सूरत के संकल्प के साथ स्कूल परिसर में वृक्षारोपण किया गया। साथ ही सभी उपस्थित लोगों ने यातायात नियमों के पालन, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करने की शपथ ली।

कार्यक्रम में मायाबेन मावानी, एम. नागराजन, राजेंद्रभाई कापड़िया, डॉ. भागीरथसिंह परमार, धर्मेश पटेल सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button