उदयपुर जिले के गोगुन्दा में नही थम रही कोरोना की रफ्तार,आज फिर 59 कोरोना संक्रमित मरीज मिले

उदयपुर (कांतिलाल मांडोत) उदयपुर में अचानक कोरोना संक्रमित मरीजो में उछाल आने से चिकित्सा विभाग हरकत में आ गया।कोरोना ने पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए है।कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण राज्य सरकार ने  पाबंदियां और निर्देशो का उल्लंघन करने वाले के साथ जुर्माना राशि बढा दी है।किसी भी प्रकार की लापरवाही  नजरअंदाज नही की जायेगी।सभी को समानता से लोकडाउन के नियमो का पालन करना है।उसके साथ ही व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।सरकार ने उचित मूल्य की दुकानों को पूरे माह खोलने का दिशा निर्देश जारी किया है।कलेक्ट्रालय के आदेश के अनुसार उपभोक्ताओं को राशन दिया जायगा।बिना मास्क वाले उपभोक्ताओं को राशन नही दिया जायेगा।उचित मूल्य की दुकानों पर कोई भी व्यक्ति बिना मास्क नही जा सकता है।ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड 19 में होने वाली मौते का अंतिम संस्कार का व्यय राज्य सरकार करेगी।सरकारी अस्पताल में बेड की किल्लत से मरीज और उनके परिजन काफी परेशानी का सामना कर रहे है।एमबी अस्पताल में बेड ऑक्सीजन बेड की कमी से मरीज परेशान हुए।
उदयपुर जिले के गोगुन्दा में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ओपी रायपुरिया ने कला आश्रम का निरीक्षण किया। गोगुन्दा धोली घाटी स्थित आयुर्वेद महाविद्यालय कला आश्रम में गोगुंदा कोविड केयर सेंटर में बदलने का निर्णय लिया गया है।आज कोविडकेयर  सेंटर की शुरुआत हो गई।आयुर्वेद महाविद्यालय कला आश्रम में 20 बेड की व्यवस्था  की गई है। लिहाजा, गोगुंदा सहित ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को  विशेष सुविधा रहेगी।महामारी की दूसरी लहर ने लोगो की जिंदगी दुश्वार कर दी है। देश मे स्वास्थ्य संबंधी सेवाओ के लड़खड़ा जाने व कोरोना संक्रमण के कारण लोगो की बढ़ती संख्या ने स्थिती को बद से बदतर कर दिया है।बदतर होती स्थिती और कोरोना मरीजो की संख्या में बढ़ोतरी कफब्वडीज़ के साथ ही  दवाइयां,इंजेक्शन और ऑक्सीजन की कलाबाजरी से मरीजो की हालत दहनीय हो गई है।राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या में ज्यादा कुछ बदलाव नही हुआ है।परंतु देश के 18 राज्यो में कम मरीज मिलने और तीन लाख साठ हजार मरीज को  डिस्चार्ज किए जाने की खुशी में हम अनुमान लगा सकते है कि देश मे कोरोना मरीज कम हो रहे है।
देश की स्थिति  धीरे धीरे सामान्य होती जा रही है। तीसरी लहर को खतरनाक बताई जा रही  है।लेंकिन तीसरी लहर की स्थिती दूसरी लहर जितनी भयंकर नही होगी।दूसरी लहर में हम अनभिज्ञ थे।अचानक बढ़ी दूसरी लहर के दौरान हमारे पास संसाधन की कमी थी। अब इस तरह की भूल सरकार नही करेगी।ऑक्सीजन प्लांट और वैक्सिन का भरपुर स्टॉक किया जा रहा है।देश ने ऑक्सीजन नही है।इसलिए केंद्र सरकार विदेशों से ऑक्सीजन आयात कर रही है।भारतीय नॉ सेना विदेशों से ऑक्सीजन और चिकित्सा सामग्री समुद्री मार्ग से लाने के लिए युद्ध पोतों को समुद्री मार्ग में भेज दिया है।गांवो में बढ़ते संक्रमण को कैसे रोका जाए ?यह अक्स सवाल है।गांवो में संक्रमण के  हालात से लोग और सरकार कैसे निपटेगी?बड़ी बीमारी में लोगो को गांवो से शहरों के धक्के खाने पड़ते है।गांवो में सामुदायिक चिकित्सा केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है।लेकिन बुनियादी सुविधाए नही है।गोगुंदा, कोटड़ा,झाड़ोल ,सायरा आदि क्षेत्रों में जिस तरह कोरोना मरीज मिल रहे है।यह प्रशासन के लिए चुनौती से कम नही है।ग्रामीण इलाकों में तेजी से फैलती महामारी से चिंता और बढ़ा दी है।
उदयपुर में जितने मामले आ रहे है,उसमे आधे मामले ग्रामीण क्षेत्रों के है।मौतो का आंकड़ा चार गुना ज्यादा है।विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते रहे कि ग्रामीण इलाकों में संक्रमण फैलना कही  बड़ा  खतरा साबित होगा।गांवो में हर तरह की अनदेखी और लापरवाही होती रही उसी का नतीजा यह कि गांवो में हालात बदतर हो गए है।लोकडाउन के कारण आर्थिक गिरावट का अंदेशा है।आर्थिक संकट का सामना भी जनता कर सकती है।लेकिन कोरोना की पीड़ा सहन करने में असमर्थ है।गोगुंदा में लोकडाउन का पालन हो रहा है।लोग बिना वजह घरो से बाहर नही निकल रहे है।गोगुन्दा सायरा और कोटड़ा में शांति है।सायरा के तरपाल गांव के व्यापारी संगठन ने लोकडाउन का पालन करने की अपील की हैं।दियान गांव में सम्पूर्ण  लोकडाउन की पालना हो रही है।गांवो में सन्नाटा पसरा हुआ है।गोगुन्दा, बेकरिया और सायरा पुलीस मुस्तेद खड़ी नजर आई।हर समय पुलिस राउंड से गांवो में लोकडाउन के प्रति लगाव बढ़ा है। लोकडाउन की महत्ता को ग्रामीणों ने समझा है। आज गोगुंदा में संक्रमित मरीज मिले।सायरा चिकित्सा अधिकारी आर एस मीणा ने बताया कि गोगुंदा और सायरा क्षेत्र से 59कोरोना मरीज मिले है।सभी मरीजो को होमाऐसोलेट किया गया है।

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