धर्म- समाज

कथा को केवल श्रवण तक सीमित न रखें, बल्कि उसे अपने आचरण में उतारेंः गोविंदराम शास्त्री 

कथाः श्री सत्संग सेवा समिति की श्री भक्त चरित्र कथा का विराम आज

सूरत। श्री सत्संग सेवा समिति की ओर से परवत पाटिया स्थित सीरवी भवन में चल रही श्री भक्त चरित्र कथा और नानी बाई रा मायरा में शुक्रवार को श्रोता श्रद्धा और भक्तिभाव से सराबोर दिखाई दिए। कथा में छठवें दिन संत गोविंदराम शास्त्री ने श्रद्धालुओं को जीवन में सत्संग, सेवा और नाम स्मरण का महत्व समझाया। बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों ने एकाग्रता के साथ कथा श्रवण कर आत्मिक शांति का अनुभव किया।

गोविंदराम शास्त्री ने कहा कि सत्संग वह दीप है, जो मनुष्य के जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर करता है। जो व्यक्ति नियमित रूप से कथा और सत्संग से जुड़ता है, उसके जीवन में स्वतः संयम, करुणा और भक्ति का विकास होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि कथा को केवल श्रवण तक सीमित न रखें, बल्कि उसे अपने आचरण में उतारें। शनिवार को कथा का समय दोपहर 12 से 4 बजे तक रहेगा। समय का ध्यान रखते हुए श्रद्धालु पूर्णाहुति कार्यक्रम में सहभागिता निभाएं

भव्य पंडाल और भगवान की झांकी के साथ के फोटो बूथ बनें आस्था का केंद्र

भक्त चरित्र कथा एवं मायरा आयोजन के दौरान पंडाल की साज-सज्जा को इवेंट संस्कृति की ओर से गुंजन अग्रवाल और प्रियंका शर्मा द्वारा अत्यंत सुंदर, सुसंस्कृत और भगवान की झांकियों को भव्य रूप दिया गया। विशेष रूप से तैयार किए भगवान के साथ के फोटो बूथ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने है, जहां भक्तजन कथा श्रमण के साथ यहां स्मरणीय के क्षणों को कैमरे में कैद कर रहे है।

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