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सूरत में मूसलाधार बारिश से रेड अलर्ट, राहत और जलनिकासी कार्य युद्धस्तर पर

निचले इलाकों में एसडीआरएफ-एनडीआरएफ की टीमें तैनात

सूरत शहर में बुधवार सुबह से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। संभावित आपात स्थिति से निपटने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सूरत महानगरपालिका (मनपा) और जिला प्रशासन ने राहत एवं जलनिकासी कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए हैं। शहर के जलभराव वाले इलाकों में लगातार पानी निकाला जा रहा है, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों में बचाव दलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

मनपा आयुक्त एम. नागराजन ने बताया कि सुबह से ही नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी शहर के विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत कार्य में जुटे हुए हैं। निचले इलाकों से तेजी से पानी निकालने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों और मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पहले से स्टैंडबाय पर मौजूद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की दो टीमों के अलावा दो अतिरिक्त टीमें भी बुलाई गई हैं। कुल चार टीमें शहर के संवेदनशील और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।

भेदवाड़ खाड़ी क्षेत्र में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद प्रशासन ने जोखिम वाले स्थानों से लोगों को सुरक्षित निकालकर शेल्टर होम में पहुंचाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से नागरिकों को लगातार सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए बीआरटीएस और सिटी बस सेवाओं पर भी निगरानी रखी जा रही है। एहतियातन शहर के लगभग पांच बस रूटों पर फिलहाल सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं, जबकि अन्य मार्गों पर स्थिति के अनुसार बसों का संचालन जारी है।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। किसी भी आपात स्थिति में लोग मनपा की हेल्पलाइन या इमरजेंसी नंबर पर तुरंत संपर्क करें।

मनपा आयुक्त ने कहा कि प्रशासन सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठा रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि रेड अलर्ट के दौरान घबराने की बजाय सतर्क रहें, अफवाहों से बचें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान से बचा जा सके।

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