
सूरत में ‘पप्पू यादव मुर्दाबाद’ के लगे नारे
दानपेटी लेकर साधु वेश में विरोध पर संत समाज का प्रदर्शन
सूरत। संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव द्वारा साधु के वेश में दानपेटी लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन के खिलाफ बुधवार को सूरत जिला कलेक्टर कार्यालय पर विश्व हिंदू परिषद और भारत साधु समाज के संयुक्त तत्वावधान में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में साधु-संतों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा ‘पप्पू यादव मुर्दाबाद’ और ‘पप्पू यादव को संसद से बर्खास्त करो’ जैसे नारे लगाए।
प्रदर्शन के बाद संत समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
संत समाज का आरोप है कि 31 जुलाई को संसद के बाहर पप्पू यादव साधु-पुजारी के वेश में दानपेटी लेकर पहुंचे थे, जहां विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रतीकात्मक रूप से दान दिया। इसके बाद ‘चोरी पकड़े जाने’ का नाटकीय दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें अवदेश प्रसाद सहित कुछ विपक्षी सांसदों ने सांकेतिक रूप से पप्पू यादव को पीटने का अभिनय किया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम से सनातन धर्म, भगवा वस्त्र और पूजनीय संत परंपरा का अपमान हुआ है। उन्होंने पप्पू यादव के साथ-साथ मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अवदेश प्रसाद पर भी धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया।
ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पप्पू यादव को संसद की सदस्यता से बर्खास्त किया जाए। संत समाज ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो देशभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।



