
दर्शकों को हंसी के नशे में डुबोने वाली धमाकेदार बिग बजट गुजराती कॉमेडी फिल्म – ‘पीधा पछी’
बैंकॉक की यात्रा, ड्रग माफिया का जाल और चार दोस्तों की मस्ती… यानी हंसी का फुल पैकेज!
अहमदाबाद (गुजरात) [भारत] : गुजराती सिनेमा में दर्शकों को ठहाकों से भर देने वाली एक और मनोरंजक बिग बजट फिल्म ‘पीधा पछी’ इन दिनों सिनेमाघरों में दर्शकों का मनोरंजन कर रही है। ‘सरोवर आर्ट’ के बैनर तले बनी यह बिग बजट फिल्म निर्माता अनिल मेहता की पहली फिल्म है। अपनी पहली ही फिल्म में उन्होंने मनोरंजन की भरपूर खुराक देने का प्रयास किया है।
फिल्म की कहानी चार दोस्तों और उनकी बैंकॉक ट्रिप के इर्द-गिर्द घूमती है। एक दोस्त की बैचलर पार्टी के लिए बैंकॉक पहुंची यह चौकड़ी मस्ती के मूड में होती है, लेकिन अनजाने में ही ड्रग माफिया के जाल में फंस जाती है। इसके बाद शुरू होती है जान बचाने की दौड़, गलतफहमियां, गड़बड़ियां और कॉमेडी की ऐसी सीरीज, जो फिल्म को लगातार मनोरंजक बनाए रखती है।
फिल्म का खास आकर्षण है इसकी थाईलैंड में हुई शूटिंग। बैंकॉक की खूबसूरत लोकेशंस फिल्म को इंटरनेशनल लुक देती हैं। DOP का कैमरा वर्क खास तौर पर उल्लेखनीय है और थाईलैंड की खूबसूरती को स्क्रीन पर सुंदर तरीके से उकेरा गया है।
निर्देशक निशित ब्रह्मभट्ट ने फिल्म की गति बनाए रखी है। फिल्म की दूसरी बड़ी ताकत इसके संवाद हैं। ऋषिकेश ठक्कर के मजेदार और धारदार डायलॉग्स कई मौकों पर दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ तालियां बजाने पर भी मजबूर करते हैं।
अभिनय की बात करें तो स्मित पंड्या और हेमिन त्रिवेदी की कॉमिक टाइमिंग फिल्म का मुख्य आकर्षण बनी रहती है। उनके साथ आकाश पंड्या (RJ Aakash), गरिमा यादव, विशाल वैश्य, आकांक्षा पुरी, पंक्ति पटेल, प्रशांत बारोट और कल्पना गागडेकर सहित कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं को सहजता से निभाया है। फिल्म में तर्जनी भाडला का परफॉर्मेंस भी खास ध्यान खींचता है। साउथ फिल्म एक्ट्रेस व्रजना पंड्या की पहली गुजराती फिल्म
संगीत की बात करें तो मनु रबारी और जानकी गढवी के गीतों तथा गौरव ढोला और DJ Quid के संगीत से फिल्म का मनोरंजन और भी रंगीन बनता है।
निर्माता अनिल मेहता ने बताया कि यह मेरी पहली बिग बजट फिल्म ‘पीधा पछी’ है, जिसे दर्शकों को मनोरंजन के साथ हंसाने के लिए तैयार किया गया है। खासकर रोजमर्रा के तनाव से कुछ समय दूर रहकर परिवार और दोस्तों के साथ हल्का-फुल्का समय बिताने वाले दर्शकों के लिए यह फिल्म मनोरंजन की खुराक देगी।
फिलहाल सिनेमाघरों में ‘हनुमान अंश’ और ‘मिर्जापुर’ जैसी चर्चित फिल्मों के साथ प्रतिस्पर्धा के बीच कम शो मिलने के बावजूद ‘पीधा पछी’ को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। कई स्थानों पर फिल्म के शो हाउसफुल जा रहे हैं। मेरे मत के अनुसार सरकार गुजराती भाषा की फिल्मों को सब्सिडी देती है, साथ ही सिनेमाघरों में स्पेशल शो या अनिवार्य शो भी देने चाहिए, ताकि गुजराती फिल्मों को गति मिले।
संक्षेप में, बैंकॉक की यात्रा, चार दोस्तों की मस्ती, ड्रग माफिया का जाल और भरपूर कन्फ्यूजन—‘पीधा पछी’ यानी गुजराती कॉमेडी के नशे में सराबोर एक मस्तीभरी यात्रा।



