पॉलिटिशियन और पारदर्शी राजनीति के पक्षधर राजीव गांधी

 

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 में मुंबई में हुआ था।फिरोज गांधी के ज्येष्ठ पुत्र राजीव गांधी और अनुज भ्राता संजय गांधी दो भाई थे।राजीव पारदर्शी राजनीति के पक्षधर थे।राजीव गांधी ने किसान और कृषि क्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं को छुआ।उनका मानना था कि किसान समृद्ध होगा तो देश भी समृद्ध होगा।देश विकास करेगा।आज डिजिटल इंडिया की बात जोरशोर से हो है।उनकी शुरुआत राजीव गांधी ने की थी।राजीव गांधी परिपक्व राजनेता थे।गांधी परिवार ने देश के लिए बलिदान दिया है।यह सर्वविदित है।पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके ही अंग रक्षकों ने हत्या कर दी गई।राजीव गांधी के साथ भी धोखा हुआ।1991 में उन पर भी घातकी हमला किया गया।देश की विरासत में गांधी परिवार का योगदान रहा है। इनकी अकाल मृत्यु से देश के लिए अपूरणीय क्षति है।राजीव गांधी के बड़े बड़े कार्यो में आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए है।जवाहरलाल नेहरू के पौत्र राजीव गांधी को राजनीति में कोई रुचि नही थी।वो अपने पिता फिरोज गांधी की मौत के बाद सक्रिय राजनीति का हिस्सा बना दिए गए।राजीव गांधी का एक ही मकसद था मानव जाति की सेवा करना।क्योकि भारत मजबूत ,स्वतंत्र और आत्मनिर्भर देश है।राजीव गांधी का सपना था कि भारत को टेक्नोलॉजी की दुनिया मे सबसे ऊपर ले जाना है।

राजीव गांधी का मानना था कि किसान देश की रीढ़ है।उनके कार्यकाल में कृषि क्षेत्र में सबसे ज्यादा निवेश किया।वो बड़े सपने देखते थे।राजीव गांधी का अस्तित्व विराट था।उनको राजनैतिक व्यक्ति के रूप में आंकना उचित नही था।उनके पास देश को विकसित करने का विजन था।वो भारत को दुनिया मे सबसे ऊपर देखना चाहते थे।राजीव गांधी ने कल कारखानो, सड़के और बांधो को विकास की दृष्टि से नही देखा।यह तो आवश्यकता है,लेकिन उनके मन मे लोगो के लिए सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पूर्ति के लक्ष्य हिलोरे मार रहा था।देश को मजबूत बनाने के उनकी मंशा पर काल ने हमेशा के लिए उनके मन मे दबा कर रख दिया।जब तक उनको देश सेवा का मौका मिला,उन्होंने समर्पित भाव से देश की सेवा में जुट गए।
महिलाओं के प्रति आदर और सत्कार कुटकुट कर भरा था।वे महिला को शक्तिशाली और देश की सामाजिक चेतना मानते थे।राजीव गांधी में युवाओं के प्रति आदर था।वे कहते थे भारत युवाओं का देश है।भारत को आगे बढ़ने से कोई नही रोक सकता है।उन्होंने वन और पर्यावरण के लिए कदम उठाए।
राजीव गांधी का सपना था कि हम ऐसे भारत का निर्माण करे,जिसे मानव जाति के लिए गर्व हो। देश मे बढ़ते भ्रष्टाचार को लेकर राजीव गांधी हमेशा कहा करते थे कि केंद्र सरकार सौ रुपए राज्य को भेजती है।वहा जाते जाते दस रुपया हो जाता है।यह देश की और देशवासियों की कमनसीबी है।जिस रुपए का सही उपयोग नही होता है।
भ्रष्टाचार देश को धुन की तरह खोखला करता जा रहा है।राजीव गांधी का सपना था कि हमारा देश ऐसी तरक्की करे जिससे सुदूर गांवो में रहने वाले कच्चे मकान तक सरकार की योजना का लाभ मिल सके।
राजीव गांधी ने पंजाब,असम और मिजोरम के समझौते किये।उन्होंने पड़ोसी देशो से बेहतर संबंध स्थापित करने के लिए प्रयास किए।राजीव ने चीन,पाकिस्तान, नेपाल, श्री लंका और बंगला देश से संबंध स्थापित करने का भरपूर प्रयास किया।कंप्यूटर क्रांति के जनक बने राजीव गांधी ने देश ने हरितक्रांति का सूत्रपात किया।शिक्षा को समाज मे बराबरी का स्थान दिया जाता है।तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी टूट से गए थे।उन्होंने कहा वो मेरी ही माँ नही थी,वो पूरे देश की माँ थी।जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो जमीन हिलती है।जाति, धर्म और क्षेत्र की संकीर्ण भावनाओ से उपर उठकर हमे एकता के सूत्र में बंधना है।आज रानीव गांधी का जन्म दिवस भारत धूमधाम से मना रहा है।उनके जन्म दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं।

(कांतिलाल मांडोत)

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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