तीन दिवसीय स्पार्कल प्रदर्शनी आज से, देश में पहली बार होगा सिंथेटिक डायमंड का प्रमोशन

100 से अधिक नेचरल एन्ड सिंथेटिक डायमंड मेन्युफेक्चरिंग सेग्मेन्ट, मशीनरी मेन्युफेक्चरिंग सेग्मेन्ट और डायमंड ज्वैलरी मेन्युफेक्चरिंग सेग्मेन्ट आएंगे एक ही प्लेटफॉर्म पर

सूरत : दी सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एन्ड इंडस्ट्री द्वारा 20 से 22 फरवरी दौरान सरसाणा के सूरत इंटरनेशनल एक्जबिशन एन्ड कन्वेंशन सेंटर में जेम्स एन्ड ज्वैलरी प्रदर्शन सूरत स्पार्कल -21 का भव्य आयोजित किया जाएगा। चैंबर पिछले तीन वर्षों से बी-टू-बी आधार पर प्रदर्शनियां आयोजित कर रहा है।

चैंबर के अध्यक्ष दिनेश नावड़िया ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट में फिनिश्ड सिंथेटिक डायमंड के आयात पर सीमा शुल्क में वृद्धि की घोषणा की गई। इससे सूरत के सिंथेटिक डायमंड मेन्युफेक्ïचरर्स को बहुत फायदा होगा। दूसरी ओर सोने और चांदी के आयात पर सीमा शुल्क घटा दिया गया है। इससे आभूषण निर्माताओं को राहत मिलेगी और घरेलू बाजार में भारत में आभूषण उद्योग को बहुत फायदा होगा। वहीं ज्वैलरी की मांग भी बढ़ेगी।

उन्होंने आगे कहा कि कोविड -19 के बाद देश में पहली बार सिंथेटिक डायमंड का प्रचार चैंबर द्वारा आयोजित स्पार्कल प्रदर्शनी में होगा, जबकि सूरत में हीरा उद्योग के लिए वेल्यू एडिशन भी होगा। क्योंकि सूरत में अब प्राकृतिक हीरे के साथ-साथ सिंथेटिक हीरे भी बनाए जा रहे हैं। सूरत में सिंथेटिक हीरे बनाने की मशीनरी भी बनाई जा रही है। कुछ महीनों के बाद सूरत डायमंड बूर्स की धड़कन होगी। जबकि गुजरात डायमंड बूर्स सूरत में पहले से ही चल रहा है। इसलिए डायमंड सिटी सूरत अब प्राकृतिक और सिंथेटिक हीरा निर्माण का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। सूरत में एसईजेड, सीमा शुल्क, बंदरगाह और हवाई अड्डे जैसे सभी बुनियादी ढांचे को विकसित किया गया है।

एक्जबिशन चेयरमेन जयंती सावलिया ने कहा कि स्पार्कल प्रदर्शनी में नेचरल डायमंड एन्ड ज्वैलरी मेन्युफेक्चरर्स, सिंथेटिक डायमंड एन्ड मशीनरी मेन्युफेक्चरर्स, पूरे हीरा उद्योग और इससे जुड़े उद्योगपतियों ने उत्साह दिखाया है। सूरत ज्वैलरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के सहयोग से लगभग 70 ज्वैलरी मेन्युफेक्चरर्स भाग ले रहे हैं। इस प्रकार कुल 150 से अधिक एक्जबिटर्स द्वारा लुज डायमंड, हीरे के आभूषण और मशीनरी का प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसा लग रहा था कि कोविड-19 के बाद जेम एन्उ ज्वैलरी इंडस्ट्री नहीं उभरेगा। लेकिन अमेरिका और चीन के बीच ट्रेडवॉर के कारण मुंबई से ज्वैलरी मेन्युफेक्ïचरर्स सूरत में स्थानांतरित हो रहे हैं। जिसका सीधा फायदा सूरत के जेम एन्ड ज्वैलरी उद्योग को हो रहा है। सूरत से हीरे के आभूषणों का निर्यात भी बढ़ रहा है। इसलिए अब सूरत प्राकृतिक और सिंथेटिक हीरे के साथ-साथ मशीनरी निर्माण का केंद्र भी बन रहा है।

सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से देश के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, चेन्नई, बैंगलोर, कोयम्बटूर, मुंबई, पुणे और गुजरात के प्रमुख शहरों जहां डायमंड एन्ड डायमंड ज्वैलरी का कन्जम्प्शन होता है। वहां के बायर्स को आमंत्रित किया गया है। इन सभी स्थानों से बड़ी संख्या में बायर्स स्पार्कल प्रदर्शनी देखने आएंगे।

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