सूरत: सुमुल डेयरी चुनाव 15 जुलाई को, 9 सीटों पर कांटे की टक्कर
17 जुलाई को होगी मतगणना, सहकारी क्षेत्र की सियासत पर टिकी नजर
सूरत-तापी जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (सुमुल डेयरी) की प्रबंध समिति के चुनाव निर्णायक दौर में पहुंच गए हैं। कुल 16 सीटों में से 7 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, जबकि शेष 9 सीटों के लिए बुधवार 15 जुलाई को मतदान होगा। मतगणना 17 जुलाई को सुबह 11 बजे सुमुल डेयरी के बैंक्वेट हॉल में चुनाव अधिकारी नेहा सवाणी की निगरानी में कराई जाएगी।
मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक सूरत और तापी जिले के विभिन्न तहसील मुख्यालयों पर बनाए गए मतदान केंद्रों पर होगा। मतदान समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो जाएगी और 17 जुलाई को परिणाम घोषित किए जाएंगे।
भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत
सुमुल डेयरी की सत्ता पर कब्जा बनाए रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। भाजपा समर्थित पैनल के 9 प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेताओं को चुनाव प्रचार में उतारा है। प्रदेश स्तर के नेता प्रशांत कोराट, बिपिन पटेल (गोता), गौतम गेडिया और जगदीश पटेल के साथ सूरत और तापी जिला भाजपा अध्यक्ष भी प्रचार अभियान में सक्रिय हैं।
पार्टी ने ओलपाड विधायक मुकेश पटेल और मांडवी (मांगरोल) विधायक गणपत वसावा को चुनाव संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी है। दोनों नेता पूरे चुनाव अभियान और संगठनात्मक रणनीति की कमान संभाले हुए हैं।
सहकारी क्षेत्र में प्रतिष्ठा की अहम लड़ाई
दक्षिण गुजरात के सहकारी क्षेत्र में सुमुल डेयरी को आर्थिक रूप से मजबूत और प्रभावशाली संस्था माना जाता है। लाखों पशुपालक और दुग्ध उत्पादक इससे जुड़े होने के कारण इसके चुनाव का राजनीतिक महत्व भी बढ़ गया है। 7 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन के बाद अब मुकाबला 9 सीटों पर सिमट गया है, जहां भाजपा समर्थित पैनल को विपक्ष और निर्दलीय उम्मीदवारों से कड़ी चुनौती मिल रही है।
अब सभी की निगाहें मंगलवार के मतदान और 17 जुलाई को घोषित होने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि आने वाले कार्यकाल में सुमुल डेयरी की कमान किसके हाथ में होगी।



