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टेक्सटाइल उद्योग को नई दिशा देने की पहल, लघु उद्योग भारती ने बनाई राष्ट्रीय टेक्सटाइल कमेटी

अक्टूबर में नई दिल्ली में होगी राष्ट्रीय बैठक, 'टेक्सटाइल विज़न-2047' और नई नीति पर होगा मंथन

सूरत। लघु उद्योग भारती ने देश के टेक्सटाइल उद्योग को संगठित और सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अलग टेक्सटाइल कमेटी के गठन की घोषणा की है। यह निर्णय अखिल भारतीय टेक्सटाइल प्रमुख महेश हुरकट के सूरत प्रवास के दौरान फोस्टा कार्यालय में आयोजित लघु उद्योग भारती, सूरत महानगर कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया।

बैठक में देशभर के टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े मुद्दों, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। नई गठित टेक्सटाइल कमेटी में विभिन्न जिलों से चयनित प्रतिनिधियों को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा, जो उद्योग से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव और अनुभव साझा करेंगे।

बैठक में तय किया गया कि टेक्सटाइल कमेटी की प्रत्येक दो माह में ऑनलाइन और प्रत्येक चार माह में ऑफलाइन बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि उद्योग से जुड़े विषयों पर निरंतर संवाद और समन्वय बना रहे।

अक्टूबर में दिल्ली में राष्ट्रीय बैठक

बैठक में आगामी अक्टूबर में नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर की बैठक आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया। इस बैठक में वाणिज्य मंत्रालय और वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं केंद्रीय मंत्रियों के साथ ‘टेक्सटाइल विज़न-2047’ पर व्यापक चर्चा होगी। साथ ही नई टेक्सटाइल नीति, उद्योग की चुनौतियों, निर्यात संवर्धन, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और वर्ष 2047 तक भारत को विश्व के अग्रणी टेक्सटाइल देशों में शामिल करने की रणनीतियों पर मंथन किया जाएगा।

उद्योग को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने का संकल्प

मीडिया प्रभारी महेंद्र पटेल ने बताया कि बैठक में लघु उद्योग भारती, सूरत के अध्यक्ष रामावतार पारीक, फोस्टा अध्यक्ष एवं लघु उद्योग भारती के संभाग उपाध्यक्ष हंसराज जैन, महानगर महामंत्री सतीश सवानी, उपाध्यक्ष रमेश राठी, संयुक्त महामंत्री पंकज शर्मा, कोषाध्यक्ष विनोद सारस्वत, इकाई अध्यक्ष हरीओम स्वामी, ओमप्रकाश कुमावत सहित संस्था के अनेक पदाधिकारी और टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में सभी पदाधिकारियों ने टेक्सटाइल उद्योग को आत्मनिर्भर, प्रतिस्पर्धी और वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाने के लिए संगठनात्मक प्रयासों को गति देने तथा उद्योग की समस्याओं और सुझावों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने का संकल्प व्यक्त किया।

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