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गौतम अदाणी ने देश के जमीनी स्तर के इनोवेटर्स और उद्यमियों की पहचान के लिए शुरु किया ‘वंदे भारतम्’

देश के 28 राज्य, 8 केंद्र शासित प्रदेश और 800 से ज्यादा जिलों को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म

अहमदाबाद : अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अपने 64वें जन्मदिन के अवसर पर वंदे भारतम् नाम से एक राष्ट्रीय पहल की शुरुआत की। इसका उद्देश्य देशभर से इनोवेटर्स, उद्यमियों और समस्याओं का समाधान खोजने वाले प्रतिभाशाली लोगों की पहचान करना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है।

यह कार्यक्रम देश के सभी 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश, 800 से ज्यादा जिलों और कई भारतीय भाषाओं तक पहुंच स्थापित करेगा। सभी आयु वर्ग और विभिन्न पृष्ठभूमि के लोग इसमें भाग ले सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य भारत के पारंपरिक स्टार्टअप केंद्रों से बाहर मौजूद प्रतिभाशाली विचारों और उद्यमी क्षमता को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाना है।

भारत आज दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल है। इसके बावजूद 80% से अधिक स्टार्टअप फाउंडर्स सिर्फ पांच बड़े शहरों से ही आते हैं, जिसके कारण देश के कई प्रतिभाशाली इनोवेटर्स और उद्यमियों को पहचान, मार्गदर्शन और सही नेटवर्क तक पहुंच नहीं मिल पाती।

वंदे भारतम इसी अंतर को कम करने का प्रयास है। महानगरों और उभरते शहरों से लेकर छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक, यह पहल ऐसे लोगों की तलाश करेगी, जिनके पास ऐसे विचार, समाधान या कारोबार हैं, जो आर्थिक और सामाजिक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।

साल 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते देश में उद्यमिता और इनोवेशन में ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण होगी। यही भागीदारी आर्थिक विकास को गति देगी, नए रोजगार पैदा करेगी और स्थानीय चुनौतियों के समाधान भी सामने लाएगी।

इस पहल का लाभ वे सभी लोग ले सकते हैं, जिनके पास कोई नया विचार, इनोवेशन, समाधान हो या फिर वे कोई उद्यम शुरू करने की मंशा रखते हों। इसमें उम्र, पेशा, शैक्षणिक पृष्ठभूमि या कारोबार के स्तर जैसी कोई बाध्यता नहीं है। प्रतिभागी अपने आइडिया, प्रोटोटाइप, शुरुआती चरण के वेंचर या पहले से स्थापित व्यवसाय के साथ आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए रजिस्टर्ड स्टार्टअप होना जरूरी नहीं है।

विभिन्न क्षेत्रों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिनमें टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, पर्यावरण से जुड़े समाधान, कृषि, पारंपरिक हस्तशिल्प और समुदाय आधारित पहलें शामिल हैं। महिलाओं, जनजातीय उद्यमियों, ग्रामीण इनोवेटर्स, दिव्यांग उद्यमियों और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर काम कर रहे लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष श्रेणियाँ भी रखी जाएँगी।

आवेदनों की जाँच एक तय प्रक्रिया के तहत की जाएगी, जिसमें नए विचार, उद्यम शुरू करने की क्षमता, उसके प्रभाव और बड़े स्तर पर उसे आगे बढ़ाने की संभावना को देखा जाएगा। मूल्यांकन के मानदंड, जूरी और चयन प्रक्रिया से जुड़ी अन्य जानकारियाँ आगे साझा की जाएँगी।

राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर होने वाले मूल्यांकन के बाद 75 फाइनलिस्ट्स को अहमदाबाद बुलाया जाएगा। यहाँ उनके लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मेंटरशिप, उद्योग जगत के विशेषज्ञों से बातचीत, निवेशकों और बिजनेस लीडर्स से मिलने जैसे अवसर मिलेंगे। ये फाइनलिस्ट्स देश के अलग-अलग क्षेत्रों, उद्योगों और समुदायों की प्रतिभाओं का प्रतिनिधित्व करेंगे।

इस पहल की शुरुआत करते हुए, गौतम अदाणी ने कहा, “जब मैंने अपना सफर शुरू किया था, तब मेरे पास कुछ भी नहीं था। आज मैं जो कुछ भी हूँ और मैंने जो कुछ भी हासिल किया है, वह भारत की इस मिट्टी की देन है। हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन अवसर हमेशा देश के हर कोने तक नहीं पहुँच पाए हैं।”

उन्होंने कहा, “भारत ने दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में अपनी जगह बनाई है, लेकिन आज भी अधिकांश स्टार्टअप फाउंडर्स कुछ चुनिंदा शहरों से ही सामने आते हैं। वंदे भारतम हमारे देश के उन इनोवेटर्स, समस्या सुलझाने वालों और उद्यमियों को खोजने का प्रयास है, जिनके विचार पहचान, सहयोग और बड़े मंच के हकदार हैं। हम हर उस भारतीय को आगे आने और इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हैं, जिसके पास कुछ नया बनाने का साहस और बदलाव लाने का जज़्बा है।”

फाइनलिस्ट्स को मेंटर्स, निवेशकों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों, इन्क्यूबेशन सपोर्ट और रणनीतिक साझेदारियों तक पहुंच मिलेगी, जो उनके विचारों को सफल कारोबार में बदलने में मदद कर सकती हैं। कार्यक्रम के तहत पुरस्कार राशि और विभिन्न श्रेणियों में सम्मान भी दिए जाएँगे, जिनकी जानकारी बाद में साझा की जाएगी।

स्वतंत्रता दिवस के आसपास आयोजित होने वाला ग्रैंड फिनाले केवल प्रतियोगिता का अंतिम चरण नहीं होगा, बल्कि एक ऐसे मंच की शुरुआत करेगा, जो प्रतिभागियों को मेंटर्स, निवेशकों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों और अन्य इनोवेटर्स से लगातार जोड़कर रखेगा।

गौतम अदाणी ने आगे कहा, “यदि मैं यह कर सकता हूँ, तो कोई भी भारतीय यह कर सकता है। जरूरत सिर्फ एक अवसर और खुद को साबित करने के लिए एक मंच की होती है।”

देश के सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, 800 से अधिक जिलों और दुनियाभर में बसे भारतीय समुदाय तक पहुंच के साथ, वंदे भारतम का लक्ष्य उद्यमिता और इनोवेशन की पहचान के लिए भारत के सबसे व्यापक मंचों में से एक बनना है।

आवेदन प्रक्रिया 24 जून से vandebharatam.orgपर शुरू हो चुकी है।

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