
सूरत में मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच मानसून ने जोरदार दस्तक दी। अचानक बदले मौसम के बीच तेज गर्जना, बिजली की कड़क और तूफानी हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने पूरे शहर को भिगो दिया। कुछ ही घंटों में शहर के कई इलाकों में एक से डेढ़ इंच तक बारिश दर्ज की गई।
15 दिनों की उमस और गर्मी से मिली राहत
पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और असहनीय उमस से परेशान सूरतवासियों को आखिरकार राहत मिली। आधी रात के बाद शुरू हुई बारिश से शहर के तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया।
निचले इलाकों में जलभराव, लोगों की बढ़ी परेशानी
बारिश की शुरुआत के साथ ही शहर के कई निचले इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया। उधना, लिंबायत और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सोमवार सुबह तक कई स्थानों पर हालात सामान्य नहीं हो पाए थे।

भीमनगर अंडरपास बना ‘स्विमिंग पूल’
उधना और डिंडोली को जोड़ने वाला भीमनगर अंडरपास एक बार फिर जलभराव की चपेट में आ गया। घुटनों तक पानी भर जाने से अंडरपास स्विमिंग पूल जैसा दिखाई देने लगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून में यहां यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकाला गया है।
ड्रेनेज जाम होने से सड़क पर आया गंदा पानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक ड्रेनेज लाइनें जाम होने के कारण बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल सका और गंदा पानी सड़क पर फैल गया। इससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
पानी में फंसे वाहन, कई बीच रास्ते में बंद पड़े
भीमनगर और लिंबायत अंडरपास में जलभराव इतना अधिक था कि कई दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए। कुछ लोगों को अपने वाहन धक्का लगाकर बाहर निकालने पड़े, जबकि कई वाहन चालक घंटों तक फंसे रहे।
नौकरीपेशा लोग और मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित
सुबह काम पर जाने वाले हजारों श्रमिकों, फैक्ट्री कर्मचारियों और ऑफिस जाने वाले लोगों को जलभराव के बीच सफर करना पड़ा। कई लोग देर से अपने कार्यस्थलों पर पहुंचे, जबकि कुछ को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।

उधना-नवसारी रोड पर ट्रैफिक जाम
शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल उधना-नवसारी रोड पर भी घुटनों तक पानी भर गया। कई वाहन बंद पड़ने के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा।
पहली ही बारिश में खुली प्री-मानसून तैयारियों की पोल
सूरत महानगरपालिका द्वारा प्री-मानसून तैयारियों और ड्रेनेज सफाई को लेकर किए गए दावों पर पहली ही बारिश ने सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली, जिससे नागरिकों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
हर साल एक जैसी स्थिति बनने से स्थानीय लोगों में भारी रोष है। नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन मानसून से पहले तैयारियों के बड़े-बड़े दावे तो करता है, लेकिन जमीनी हकीकत हर साल पहली बारिश में सामने आ जाती है।


