
सूरत में सड़क धंसने की घटनाएं बढ़ीं, उधना में ST बस और लिम्बायत में स्कूल वैन फंसी
15 दिनों में सड़क धंसने की 4 बड़ी घटनाएं, करोड़ों की लागत से बनी नई सड़कों की गुणवत्ता पर उठे सवाल
सूरत: मानसून की शुरुआत के साथ ही Surat में सड़कों की गुणवत्ता और प्री-मानसून तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले 15 दिनों के भीतर शहर के अलग-अलग इलाकों में सड़क धंसने की चार बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। कहीं 100 मीटर तो कहीं 700 मीटर तक सड़कें बैठ गई हैं, जिससे नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
उधना-पांडेसरा रोड धंसा, 35 यात्रियों से भरी ST बस फंसी
मंगलवार, 1 जुलाई को उधना गांव के पास पांडेसरा क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मुख्य सड़क पर गुजर रही सरकारी एसटी बस अचानक सड़क धंसने से बने गहरे गड्ढे में फंस गई। घटना के समय बस में करीब 35 यात्री सवार थे।
स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, सड़क धंसने के कारण लंबे समय तक यातायात प्रभावित रहा और इलाके में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।

लिम्बायत में सड़क धंसने से गड्ढे में फंसी स्कूल वैन
इसी तरह लिम्बायत क्षेत्र में भी सड़क धंसने की एक गंभीर घटना सामने आई। अचानक बने गड्ढे में एक स्कूल वैन का एक हिस्सा फंस गया, जिससे वाहन एक ओर झुक गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
गनीमत रही कि वैन में सवार सभी बच्चे सुरक्षित रहे और किसी को कोई चोट नहीं आई। समय रहते बच्चों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
पहली बारिश में ध्वस्त हुई करोड़ों की सड़कें
शहर में लगातार सामने आ रही सड़क धंसने की घटनाओं ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, ठेकेदारों की जवाबदेही और नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई सड़कें यदि पहली ही बारिश में जवाब दे रही हैं, तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।



