
सूरत। भारतीय मौसम विभाग की ओर से दक्षिण गुजरात समेत सूरत जिले में 4 जुलाई तक भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। संभावित स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जिला कलेक्टर तेजस परमार ने जिले में अब तक हुई बारिश और प्रशासन की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार तक जिले में औसतन 17.92 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि चालू मानसून सीजन में कुल औसत वर्षा 228 मिमी तक पहुंच चुकी है।
उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न तालुकाओं में सबसे अधिक वर्षा अंबिका तालुका में 389 मिमी दर्ज की गई है। इसके अलावा पलसाणा में 362 मिमी, महुवा में 352 मिमी, बारडोली में 309 मिमी तथा उमरपाड़ा में 298 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले की सभी नदियां, बांध और जलाशय फिलहाल खतरे के निशान से नीचे हैं तथा जिले में कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है। हालांकि प्रशासन द्वारा सभी जलाशयों और नदी जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
भारी बारिश के कारण कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी थी, लेकिन संबंधित विभागों की त्वरित कार्रवाई से अधिकांश स्थानों पर पानी की निकासी कर दी गई है। जिले में अब तक किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
सड़कों की स्थिति के संबंध में कलेक्टर ने बताया कि महुवा तालुका में दो ग्रामीण मार्गों पर पानी भर जाने के कारण वहां अस्थायी रूप से यातायात बंद किया गया है तथा लोगों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराए गए हैं।
जिला प्रशासन की तैयारियों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर तथा सभी तालुका कंट्रोल रूम 24×7 कार्यरत हैं। ओलपाड में एनडीआरएफ तथा मांगरोल में एसडीआरएफ की एक-एक टीम तैनात की गई है। इसके अलावा नगर निगम के फायर विभाग, कामरेज ईआरसी सेंटर और सभी नगरपालिकाओं के फायर विभागों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया है।
प्रशासन ने सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर अधिकारियों की संपर्क सूची भी तैयार रखी है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
कलेक्टर तेजस परमार ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें और अफवाहों से दूर रहें। उन्होंने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदियों, नालों, कॉजवे तथा पानी से भरे रास्तों को पार नहीं करने, बिजली के खंभों, ढीले होर्डिंग्स और जोखिम वाले पेड़ों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक तत्काल जिला कंट्रोल रूम अथवा स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार है तथा नागरिकों से सहयोग और सावधानी बरतने की अपेक्षा की गई है।



