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‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों से गूंजा सूरत, लाखों श्रद्धालुओं ने खींचा रथ

11 स्थानों से निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा; पुष्पवर्षा और भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल

आषाढ़ी दूज के पावन अवसर पर गुरुवार को सूरत शहर भगवान जगन्नाथ की भक्ति में डूबा नजर आया। शहर के 11 प्रमुख स्थानों से भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्राएं निकाली गईं। ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर की परंपरा के अनुरूप महाप्रभु का नगर भ्रमण श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हुआ।

लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया गया। ‘जय जगन्नाथ’ और ‘हरे कृष्ण-हरे राम’ के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा।

11 स्थानों से निकली रथयात्राएं, संकीर्तन से भक्तिमय हुआ वातावरण

इस्कॉन मंदिर जहांगीरपुरा, वराछा, पांडेसरा, महिधरपुरा, भेस्तान और सचिन सहित शहर के 11 स्थानों से भगवान के रथ रवाना हुए। भजन-कीर्तन और संकीर्तन मंडलियों ने पूरे यात्रा मार्ग को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न संगठनों की ओर से प्रसादी, पानी, छाछ और फलों के वितरण की व्यवस्था की गई।

‘छेरा पहरा’ परंपरा निभाई, श्रद्धालुओं ने झाड़ू लगाकर किया मार्ग शुद्ध

रथयात्रा में पुरी की प्रसिद्ध ‘छेरा पहरा’ परंपरा का भी निर्वहन किया गया। भगवान के रथ के आगे बढ़ने से पहले श्रद्धालुओं और गणमान्य नागरिकों ने झाड़ू लगाकर मार्ग को स्वच्छ किया। पांडेसरा में कई प्रमुख लोगों ने स्वयं झाड़ू लगाकर और रथ खींचकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।

मौसी के घर नौ दिन विराजेंगे भगवान जगन्नाथ

पांडेसरा ओड़िशावासी समाज की ओर से निकाली गई रथयात्रा वेलकम पान सेंटर और विजयनगर होते हुए राधेश्याम नगर पहुंची। यहां परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ के लिए मौसी का घर बनाया गया है।भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा अगले नौ दिनों तक यहीं विराजमान रहेंगे। इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा।

इसी तरह भेस्तान जगन्नाथ मंदिर से निकली रथयात्रा माधवनगर स्थित गुंडीचा मंदिर पहुंची। आयोजन से जुड़े भार्गव पंडा और सतीश भाई ने बताया कि भगवान नौ दिनों तक मौसी के घर प्रवास करेंगे।

20 जुलाई को होगी हेरापंचमी की विशेष लीला

रथयात्रा उत्सव के दौरान 20 जुलाई को हेरापंचमी का आयोजन किया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता लक्ष्मी अपने वेताल गणों के साथ भगवान जगन्नाथ को वापस बुलाने गुंडीचा मंदिर पहुंचेंगी।भगवान दशमी के दिन श्रीमंदिर लौटने का आश्वासन देंगे। इसके बाद माता लक्ष्मी रुष्ट होकर प्रतीकात्मक रूप से रथ को दक्षिणायन कर वापस लौट जाएंगी। यह धार्मिक प्रसंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

कपड़ा बाजार में हुआ भव्य स्वागत, डेढ़ लाख बूंदी पैकेट बांटे

जहांगीरपुरा इस्कॉन मंदिर से निकली करीब 15 किलोमीटर लंबी रथयात्रा जब रिंग रोड कपड़ा बाजार पहुंची तो व्यापारियों ने भगवान जगन्नाथ का भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर जयकारे लगाए। सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोगों ने भगवान के दर्शन किए। विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं ने पानी और छाछ के स्टॉल लगाए। वहीं करीब डेढ़ लाख बूंदी के पैकेट और फलों का प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।

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