
सूरत। शहर की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत और व्यापक बनाने के उद्देश्य से सूरत के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात कर विभिन्न शहरों के लिए नई उड़ानें शुरू करने तथा मौजूदा उड़ानों की संख्या बढ़ाने की मांग रखी। बैठक में नागर विमानन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने सूरत–बेंगलुरु और सूरत–दिल्ली मार्गों पर बंद की गई उड़ानों तथा कम की गई उड़ान आवृत्तियों को तत्काल बहाल करने की मांग की। साथ ही सूरत–मुंबई के बीच सीधी हवाई सेवा शीघ्र शुरू करने और सूरत को पुणे, इंदौर, पटना तथा वाराणसी से जोड़ने के प्रस्ताव पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने का आग्रह किया।
बैठक में सूरत–कोलकाता और सूरत–चेन्नई मार्गों पर दैनिक उड़ान सेवा जल्द शुरू करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सूरत की तेजी से बढ़ती औद्योगिक, व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए देश के प्रमुख शहरों से बेहतर हवाई संपर्क समय की आवश्यकता है।

केंद्रीय मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक आश्वासन दिया। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि नागर विमानन मंत्रालय, संबंधित एयरलाइंस और अन्य हितधारकों के समन्वय से सूरत की हवाई कनेक्टिविटी को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस अवसर पर सांसद सी.आर. पाटिल ने कहा कि सूरत को देश के अधिक शहरों से हवाई मार्ग से जोड़ने से व्यापार, उद्योग, पर्यटन और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर हवाई संपर्क से निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
बैठक में रूपा ग्रुप के सुरेश जी, प्रतिभा ग्रुप के प्रमोद चौधरी, FOSTTA के कैलाश हाकिम, विनय अग्रवाल, श्रीकांत मुंडड़ा और कुंज सुल्तानिया सहित विभिन्न उद्योग संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।



