
सूरत। अरब में सूरत और दक्षिण गुजरात के उद्योगों के लिए निवेश और निर्यात के नए अवसर खुलने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। द साउदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) और रियाद स्थित भारतीय दूतावास के बीच आयोजित वर्चुअल बैठक में टेक्सटाइल, डायमंड, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, इंजीनियरिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में व्यापार बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में रियाद स्थित भारतीय दूतावास के फर्स्ट सेक्रेटरी (कॉमर्स) विपुल बावा ने सऊदी अरब सरकार की निवेश नीतियों और ‘विजन-2030’ के तहत उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि SGCCI के प्रतिनिधिमंडल के सऊदी दौरे के दौरान ‘नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स’, ‘इन्वेस्टमेंट बोर्ड’ और ‘सऊदी-इंडिया बिजनेस काउंसिल’ के साथ B2B बैठकें आयोजित कराई जाएंगी, ताकि दक्षिण गुजरात के उद्योगों को नए खरीदार और निवेशक मिल सकें।
SGCCI के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने बताया कि चैंबर 14,500 से अधिक प्रत्यक्ष सदस्यों और 155 से अधिक व्यापारिक संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने दक्षिण गुजरात की टेक्सटाइल, डायमंड एंड ज्वेलरी, फार्मा, केमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग और रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्रों की उत्पादन क्षमता और निर्यात संभावनाओं से दूतावास के अधिकारियों को अवगत कराया।
उपाध्यक्ष रवि राज देसाई ने कहा कि प्राकृतिक फाइबर, कॉटन और सिंथेटिक कपड़ों के क्षेत्र में सूरत देश का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने सऊदी अरब में सूरत के वस्त्रों का निर्यात बढ़ाने के लिए संभावित रोडमैप पर भी चर्चा की।
बैठक में विपुल बावा ने SGCCI के प्रतिनिधिमंडल को सऊदी अरब के वेस्टर्न कोस्ट, रियाद और दम्माम क्षेत्र के दौरे का आधिकारिक निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि वहां उद्योगपतियों को स्थानीय बाजार, निवेश के अवसरों और संभावित व्यापारिक साझेदारों से सीधे जोड़ने की व्यवस्था भारतीय दूतावास करेगा।
इस दौरान सऊदी अरब की उदार निवेश नीति, सब्सिडी, आर्थिक प्रोत्साहन और संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) की संभावनाओं पर भी प्रस्तुति दी गई। बैठक के अंत में SGCCI के ऑल एग्जीबिशन चेयरमैन मनीष कापड़िया ने सऊदी अरब के खरीदारों को सूरत में आयोजित होने वाली आगामी औद्योगिक प्रदर्शनियों में आमंत्रित करने की इच्छा जताई और भारतीय दूतावास के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।



