
जगन्नाथ रथयात्रा के पावन पर्व पर सूरत में 95वां सफल अंगदान, लीवर व दोनों किडनी से तीन लोगों को मिला नया जीवन
करंट लगने से ब्रेन डेड हुए राजस्थान मूल के मजदूर के परिजनों ने दिखाई मानवता
सूरत। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के पावन अवसर पर सूरत के नई सिविल अस्पताल में 95वां सफल अंगदान दर्ज किया गया। राजस्थान के कोटड़ा निवासी तथा वर्तमान में सूरत के कामरेज क्षेत्र में रहने वाले 43 वर्षीय वीरसिंह पीठाभाई मैदा के लीवर और दोनों किडनी दान किए जाने से तीन गंभीर मरीजों को नया जीवन मिलेगा।
जानकारी के अनुसार, 12 जुलाई की शाम करीब 5:30 बजे वीरसिंह निर्माण कार्य के दौरान अचानक संतुलन खो बैठे और नीचे बिजली की डीपी पर गिरने से करंट लग गया। गंभीर हालत में उन्हें पहले नजदीकी अस्पताल और बाद में 13 जुलाई की रात नई सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान 15 जुलाई को चिकित्सकों की टीम ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
इसके बाद प्लास्टिक सर्जन डॉ. निलेश काछड़िया, अंगदान चैरिटेबल ट्रस्ट के स्वयंसेवक इकबाल कड़ीवाला तथा काउंसलर निर्मला काथुड़े ने परिजनों को अंगदान के महत्व के बारे में समझाया। गहरे दुख के बीच पत्नी और अन्य परिजनों ने अंगदान के लिए सहमति देकर मानवता की मिसाल पेश की।
अंगदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वीरसिंह का लीवर और दोनों किडनी अहमदाबाद स्थित आईकेडीआरसी (IKDRC) अस्पताल भेजी गईं, जहां इन्हें जरूरतमंद मरीजों में प्रत्यारोपित किया जाएगा।
नई सिविल अस्पताल की प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पारुल वडगामा के मार्गदर्शन में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, सुरक्षा कर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अंगदान चैरिटेबल ट्रस्ट के स्वयंसेवकों ने पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। ट्रस्ट के संस्थापक दिलीपदादा देशमुख का भी इस जनसेवा अभियान में महत्वपूर्ण सहयोग रहा।



