
सूरत : खाड़ी बाढ़ का संकट बरकरार, परवत-सारोली समेत कई इलाकों में तीसरे दिन भी 8 फीट तक पानी
सूरत। शहर में बारिश थमने के बावजूद खाड़ी बाढ़ का संकट लगातार तीसरे दिन भी बरकरार है। मीठी खाड़ी के निचले इलाकों परवत, सारोली, कुंभारिया, सणिया-हेमाद, गोडादरा और लिंबायत में चार से आठ फीट तक पानी भरा हुआ है। जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई परिवारों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा, जबकि लिंबायत क्षेत्र में करीब 500 लोग अब भी राहत शिविरों में रह रहे हैं।
बारिश में कमी आने के बावजूद मीठी खाड़ी का जलस्तर कम नहीं होने से लोगों की परेशानियां बनी हुई हैं। प्रशासन जलनिकासी के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि ऊपरी क्षेत्रों में बारिश नहीं होने से देर रात तक पानी का स्तर घट सकता है।
सारोली के कपड़ा बाजारों में कारोबार प्रभावित
सारोली क्षेत्र में जलभराव के कारण आसपास के कपड़ा बाजारों में कारोबार ठप हो गया है। कई बाजार बंद रहे, जबकि एपीएमसी मार्केट से कडोदरा हाईवे तक यातायात भी प्रभावित रहा। व्यापारियों ने करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई है।
हर साल की समस्या पर लोगों में बढ़ा आक्रोश
कुंभारिया, सणिया-हेमाद, गोडादरा और लिंबायत के लोगों में बार-बार आने वाली खाड़ी बाढ़ को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
स्थायी समाधान के लिए दो समितियों का गठन
खाड़ी बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने समस्या के कारणों का अध्ययन और स्थायी समाधान तलाशने के लिए राज्य एवं स्थानीय स्तर पर दो अलग-अलग समितियों का गठन किया है। प्रशासन भी प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है।
खाड़ियों का जलस्तर अब भी ऊंचा
शनिवार शाम छह बजे तक मीठी खाड़ी का जलस्तर 8.60 मीटर, कांकरा खाड़ी 6.10 मीटर, भेदवाड़ खाड़ी 5.90 मीटर, भाठेना खाड़ी 5.95 मीटर और सीमाड़ा खाड़ी 4.00 मीटर दर्ज किया गया। मीठी और सीमाड़ा खाड़ी का जलस्तर अब भी खतरे के निशान के करीब बना हुआ है, जिससे निचले इलाकों में चिंता बनी हुई है।
पानी उतरते ही सफाई और स्वास्थ्य अभियान शुरू
जिन क्षेत्रों से पानी निकलना शुरू हुआ है, वहां मनपा ने सफाई अभियान तेज कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें पानी के नमूने ले रही हैं, ओआरएस का वितरण किया जा रहा है तथा जरूरतमंदों को भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
रात में झमाझम, दिन में राहत
शुक्रवार रात शहर में दो इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि शनिवार दिनभर बारिश लगभग थमी रही। फ्लड कंट्रोल रूम के अनुसार शुक्रवार रात वराछा-बी में 60 मिमी, रांदेर और वराछा-ए में 52-52 मिमी, कतारगाम में 49 मिमी, सेंट्रल जोन में 45 मिमी, अठवा में 22 मिमी तथा उधना और लिंबायत में 21-21 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालांकि दिन में बारिश कम होने के बावजूद खाड़ी का पानी नहीं उतरने से लोगों की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं।



