
सूरत। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिला कलेक्टर तेजस परमार ने बताया कि प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों से अब तक 4 हजार से अधिक नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। किम नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ओलपाड और मंगरोल के निचले इलाकों में राहत एवं स्थानांतरण अभियान लगातार जारी है।
पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 222 मिमी (करीब 8 इंच) बारिश दर्ज की गई। इनमें महुवा तहसील में सबसे अधिक 565 मिमी (करीब 22.5 इंच) वर्षा हुई। वहीं, सूरत शहर में भी 5 से 6 इंच बारिश होने से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
कलेक्टर ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य को प्रभावी बनाने के लिए मांडवी में पहले से SDRF की एक टीम तैनात थी, जबकि शनिवार सुबह ओलपाड में भी SDRF की अतिरिक्त टीम भेजी गई है। SDM, TDO, SDRF और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
किम नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों से समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। प्रशासन ने निचले क्षेत्रों के नागरिकों से बिना किसी देरी के स्थानांतरण करने का अनुरोध किया है।
कलेक्टर ने बताया कि सूरत शहर की प्रमुख खाड़ियां फिलहाल खतरे के स्तर से नीचे बह रही हैं, जबकि तापी नदी पर स्थित सिंगणपोर कॉजवे ओवरफ्लो हो गया है। हालांकि, उकाई बांध में फिलहाल जल भंडारण सुरक्षित सीमा के भीतर है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलें, अफवाहों से दूर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।



