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अदाणी एंटरप्राइजेज और जेबिल मिलकर भारत में बनाएंगें एआई डेटा सेंटर उपकरण, 50:50 संयुक्त उद्यम के लिए समझौता

भारत में एआई सर्वर, रैक और डेटा सेंटर उपकरणों का होगा निर्माण

नई दिल्ली और सेंट पीटर्सबर्ग, फ्लोरिडा, अमेरिका | 13 अक्टूबर 2026:अदाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) और इंजीनियरिंग, सप्लाई चेन एवं मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की वैश्विक कंपनी जेबिल इंक. (NYSE: JBL) ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा सेंटर उपकरणों के निर्माण एवं असेंबलिंग के लिए 50:50 हिस्सेदारी वाला संयुक्त उद्यम स्थापित करने के प्रस्ताव पर एक गैर-बाध्यकारी समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।यह संयुक्त उद्यम अंतिम समझौतों पर हस्ताक्षर, जरूरी नियामकीय मंजूरियां मिलने और अन्य सामान्य शर्तें पूरी होने के बाद स्थापित किया जाएगा।यह समझौता जून 2026 में अदाणी ग्रुप और जेबिल की ओर से भारत में एआई और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने की रणनीतिक साझेदारी की घोषणा के बाद अगला महत्वपूर्ण कदम है।

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, “एआई क्रांति के लिए केवल बेहतर एल्गोरिदम और नई तकनीकी खोजें ही पर्याप्त नहीं होंगी। इसके लिए एक बिल्कुल नए औद्योगिक ढांचे की जरूरत होगी, जहां एनर्जी, बड़े पैमाने का इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस कंप्यूटिंग और सटीक मैन्युफैक्चरिंग एक साथ मिलकर एआई आधारित अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाएं।”

उन्होंने कहा, “अदाणी ग्रुप का विजन एआई वैल्यू चेन में अपनी भूमिका का विस्तार करना है। हम केवल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को बिजली देने और उसे संचालित करने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि अगली पीढ़ी की कंप्यूटिंग को आकार देने वाले महत्वपूर्ण सिस्टम की इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग में भी आगे बढ़ना चाहते हैं।”

गौतम अदाणी ने आगे कहा, “जेबिल के साथ हमारा प्रस्तावित संयुक्त उद्यम इसी भविष्य की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। इसमें जेबिल की विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर के क्षेत्र में अदाणी ग्रुप की एकीकृत ताकत के साथ जोड़ा जाएगा। हमारा उद्देश्य वैश्विक एआई अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी मजबूत भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में योगदान देना है।”

जेबिल इंक. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) माइक डास्टूर ने कहा, “इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भारत में बड़े पैमाने पर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म स्थापित करने के हमारे साझा प्रयासों में अगला कदम है। हमारा मानना है कि घरेलू और वैश्विक स्तर पर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को पूरा करने में भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जाएगी।”

उन्होंने कहा, “जेबिल के 60सालों के इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग अनुभव को अदाणी ग्रुप की मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षमताओं के साथ जोड़कर हम अपने रैक-स्तरीय डेटा सेंटर समाधान भारत और दुनिया के अधिक हाइपरस्केलर्स तक पहुंचा सकते हैं। हम जून में शुरू किए गए साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं।”

भारत में बनेगा एआई हार्डवेयर

प्रस्तावित संयुक्त उद्यम के तहत भारत में एआई रैक, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग उपकरणों का निर्माण एवं असेंबलिंग की जाएगी। इन उपकरणों का इस्तेमाल डेटा सेंटर में किया जाता है।एआई रैक में हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम लगाए जाएंगे, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े एप्लिकेशन और अन्य डिजिटल सेवाओं को संचालित करने में मदद करेंगे।इसके अलावा, संयुक्त उद्यम के उत्पादों में इन सिस्टम को बिजली देने और ठंडा रखने के लिए जरूरी उपकरण भी शामिल होंगे। इनमें पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट, लिक्विड-कूलिंग सिस्टम और ट्रांसफॉर्मर शामिल हैं।प्रस्तावित उद्यम की एआई रैक निर्माण क्षमता कई गीगावॉट की होने की उम्मीद है। इससे कुल मिलाकर कई गीगावॉटबिजली क्षमता वाले कंप्यूटिंग सिस्टम को सपोर्ट किया जा सकेगा। संयुक्त उद्यम उपकरणों की स्थापना और उन्हें चालू करने से जुड़ी सेवाएं भी प्रदान करेगा।

भारत में तेजी से बढ़ रहा डेटा सेंटर का बाजार

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल, क्लाउड सेवाओं के विस्तार और डेटा को देश में ही रखने की बढ़ती जरूरतों के कारण डेटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है।अनुमान है कि 2030 तक भारत की डेटा सेंटर क्षमता 5 से 8 गीगावाट तक पहुंच सकती है।प्रस्तावित संयुक्त उद्यम भारत में एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग आधार तैयार करेगा, जिससे घरेलू मांग पूरी करने के साथ-साथ दुनिया के अन्य बाजारों में भी उपकरणों का निर्यात किया जा सकेगा।दोनों कंपनियों का अनुमान है कि एआई कंप्यूटिंग में बढ़ते निवेश के कारण अगले सात वर्षों में वैश्विक स्तर पर 3 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा का बाजार अवसर पैदा होगा।भारत का डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है। इसके साथ ही केंद्रीय बजट 2026 में डेटा सेंटर के लिए 2047 तक घोषित टैक्स हॉलिडे से देश में डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

अदाणी ग्रुप के 100 अरब डॉलर के एआई इंफ्रास्ट्रक्चर विजन को मिलेगी मजबूती

यह प्रस्तावित संयुक्त उद्यम अदाणी ग्रुप की उस व्यापक योजना के अनुरूप है, जिसके तहत समूह ने 2035 तक 100 अरब डॉलर के निवेश से 5 गीगावॉट क्षमता वाले ग्रीन एनर्जी आधारित, हाइपरस्केल और एआई-रेडी डेटा सेंटर विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई है।इस साझेदारी से अदाणी ग्रुप की ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में मौजूदगी के साथ अब एआई हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग भी जुड़ सकेगी।इससे समूह को एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की पूरी वैल्यू चेन में अपनी भूमिका बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

जेबिल की वैश्विक विशेषज्ञता का मिलेगा लाभ

जेबिल ने वित्त वर्ष 2026 में 36 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया है। प्रस्तावित संयुक्त उद्यम से कंपनी को भारत के तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर बाजार में अपनी इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का विस्तार करने का अवसर मिलेगा।जेबिल ने हाल के वर्षों में डेटा सेंटर से जुड़ी अपनी क्षमताओं को भी मजबूत किया है।कंपनी ने हेनली एनर्जी ग्रुप (Hanley Energy Group) का अधिग्रहण किया है, जो महत्वपूर्ण बिजली आपूर्ति और ऊर्जा प्रबंधन समाधान उपलब्ध कराता है।इसके अलावा, जेबिल ने मिक्रोस टेक्नोलॉजीज (Mikros Technologies) का भी अधिग्रहण किया है, जो हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम के लिए लिक्विड-कूलिंग समाधान विकसित करने में विशेषज्ञता रखती है।इन क्षमताओं से प्रस्तावित संयुक्त उद्यम को भारत और वैश्विक बाजारों में आधुनिक एआई डेटा सेंटर उपकरण उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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