
गणेश पूजन के साथ रामलीला महोत्सव का शुभारंभ, राम जन्म के प्रसंग ने मोहा मन
वेसू स्थित रामलीला मैदान में पहले दिन रावण दिग्विजय और विश्वामित्र आगमन की लीला का हुआ प्रदर्शन
सूरत। श्री आदर्श रामलीला ट्रस्ट, सूरत की ओर से वेसू स्थित रामलीला मैदान में रविवार को रामलीला महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। वृंदावन की श्रीहित राधावल्लभ रासलीला मंडली के कलाकारों ने रासाचार्य स्वामी त्रिलोकचंद शर्मा के सानिध्य में रामलीला का मंचन किया। पहले दिन भगवान श्रीराम के जन्म सहित विभिन्न प्रसंगों का मंचन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ लड्डू गोपाल गौशाला के स्वामी शास्त्री हरिजीवन दास के पावन करकमलों से दीप प्रज्वलन, आरती, गणेश वंदना और लक्ष्मी-नारायण पूजन के साथ हुआ। ट्रस्ट के अध्यक्ष रतन गोयल, उपाध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल एवं अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों का पंचांग, पुष्पहार और पटका पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया।

मंच पर भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने भगवान गणेश एवं उनकी पत्नियों रिद्धि-सिद्धि पर पुष्पवर्षा कर आशीर्वाद दिया। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
अयोध्या के श्रीराम की प्रतिमा की प्रतिकृति आकर्षण का केंद्र

वृंदावन की श्रीहित राधावल्लभ रासलीला मंडली के प्रशिक्षित कलाकारों ने आधुनिक लाइट और साउंड के माध्यम से प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। इस बार एलईडी स्क्रीन के साथ अयोध्या के राम मंदिर में स्थापित श्रीराम की प्रतिमा की प्रतिकृति और हनुमानजी की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन किए और रामलीला का आनंद लिया।
पहले दिन रावण दिग्विजय, राम जन्म और महर्षि विश्वामित्र के आगमन सहित कई प्रसंगों का मंचन किया गया। रावण दिग्विजय के दृश्य में रावण के अहंकार और पराक्रम को दर्शाया गया, वहीं भगवान श्रीराम के जन्म के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को आनंदित कर दिया।
विश्वामित्र आगमन के प्रसंग में दिखाया गया कि महर्षि के यज्ञ में राक्षस लगातार बाधाएं उत्पन्न कर रहे थे। यज्ञ की रक्षा के लिए महर्षि विश्वामित्र अयोध्या पहुंचे और राजा दशरथ से श्रीराम तथा लक्ष्मण को अपने साथ भेजने का आग्रह किया। पुत्रों को भेजने की बात सुनकर राजा दशरथ चिंतित हो गए, लेकिन गुरु वशिष्ठ के समझाने पर उन्होंने दोनों राजकुमारों को महर्षि विश्वामित्र के साथ भेजने की सहमति दे दी।
आज ताड़का वध और अहिल्या उद्धार की लीला
रामलीला महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार, 12 अक्टूबर को ताड़का वध, सुबाहु-मारीच वध, अहिल्या उद्धार और पुष्प वाटिका के प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से परिवार सहित पहुंचकर रामलीला का आनंद लेने की अपील की है।



