
सूरत। सरसाणा स्थित सूरत इंटरनेशनल एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (SIECC) में SGCCI और सदर्न गुजरात चैंबर ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय ‘सीटेक्स-2026’ का शनिवार को वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया के हाथों शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में उद्योग जगत के प्रतिनिधि, एग्जिबिटर्स और बड़ी संख्या में उद्योगकार मौजूद रहे।
सूरत केवल कपड़ा उत्पादन तक सीमित न रहे
मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि सूरत केवल कपड़ा और फैब्रिक उत्पादन तक सीमित न रहे, बल्कि टेक्सटाइल मशीनरी निर्माण सहित पूरी वैल्यू चेन विकसित कर सस्टेनेबिलिटी का ग्लोबल हब बने। उन्होंने उद्योगों से जल संरक्षण और पानी के पुन: उपयोग को प्राथमिकता देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी है। उद्योगों को ‘धरती से जो लें, वह धरती को वापस दें’ के सिद्धांत पर काम करना चाहिए। रिसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी के जरिए कचरे को दूसरे उद्योगों के लिए कच्चे माल में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि 2030 तक 70 प्रतिशत पानी का पुन: उपयोग जरूरी होगा।
पांच साल में 10 करोड़ मीटर प्रतिदिन उत्पादन का लक्ष्य
SGCCI अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने बताया कि वर्तमान में सूरत में प्रतिदिन करीब 6.5 करोड़ मीटर कपड़े का उत्पादन हो रहा है। अगले पांच वर्षों में यह बढ़कर करीब 10 करोड़ मीटर प्रतिदिन होने की उम्मीद है। टेक्सटाइल उद्योग में आधुनिक मशीनरी की बढ़ती मांग को देखते हुए इस वर्ष सीटेक्स प्रदर्शनी की तीन श्रेणियों का आयोजन किया जाएगा
हाईटेक मशीनरी के देश में निर्माण पर जोर
एलायंस एम्ब्रॉयडरी के निदेशक सुभाषभाई दावर ने भारत और दक्षिण गुजरात में हाईटेक टेक्सटाइल मशीनरी के निर्माण के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की जरूरत बताई। उन्होंने उद्योगों से AI और आधुनिक तकनीक अपनाने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान ‘सीटेक्स-2027’ की आधिकारिक एग्जिबिटर गाइड का विमोचन एवं ई-लॉन्चिंग भी किया गया। कार्यक्रम में चैंबर के उपाध्यक्ष रवि राज देसाई, मानद मंत्री परेश लाठिया, मानद कोषाध्यक्ष अतुल पटेल, पूर्व अध्यक्षों सहित देशभर से आए एग्जिबिटर्स और उद्योगकार उपस्थित रहे।



