
सूरत : तापी नदी को प्रदूषण से बचाने की कवायद, दशामां-गणेश विसर्जन के लिए बनेंगे 22 कृत्रिम तालाब
सभी 9 जोन में तैयार होंगे विसर्जन कुंड; 5 करोड़ से अधिक खर्च
सूरत। दशामां और गणेशोत्सव को देखते हुए सूरत महानगरपालिका ने मूर्ति विसर्जन की तैयारियां तेज कर दी हैं। तापी नदी और प्राकृतिक जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के साथ श्रद्धालुओं को सुविधाजनक विसर्जन की सुविधा देने के लिए शहर के सभी 9 जोन में कुल 22 कृत्रिम तालाब बनाने की योजना है। इनके निर्माण और जरूरी व्यवस्थाओं पर 5 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
मनपा ने कृत्रिम तालाबों के आकार और गहराई तय करने के साथ मिट्टी खुदाई, पानी को जमीन में रिसने से रोकने के लिए एचडीपीई शीट बिछाने, सूचना बोर्ड, मशीनरी और जरूरी मानवबल उपलब्ध कराने की प्रशासनिक प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचा दी है।
सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग से सीसीटीवी तक
विसर्जन स्थलों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की जाएगी। पर्याप्त रोशनी के साथ सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैराकों और फायर ब्रिगेड की टीम भी तैनात रहेगी।
विसर्जन के बाद तालाबों से मूर्तियों के अवशेष और पूजा सामग्री तत्काल बाहर निकालकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनका उचित निस्तारण किया जाएगा।
डक्का ओवारा में दो अलग कुंड
सेंट्रल जोन में गांधीबाग के पीछे डक्का ओवारा में दशामां विसर्जन के लिए 15×20 मीटर का कृत्रिम तालाब बनाया जाएगा। वहीं गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए 30×40 मीटर का अलग कुंड तैयार किया जाएगा।
मनपा के अनुसार शहर के विभिन्न जोन में जरूरत और विसर्जन के संभावित दबाव को देखते हुए कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो और प्राकृतिक जलस्रोतों पर भी प्रदूषण का दबाव कम किया जा सके।



