
स्टीमहाउस इंडिया का प्रॉफ़िट 167% बढ़ा, Q2 में नेट प्रॉफ़िट ₹7.77 करोड़ रहा
स्टीम का रेवेन्यू 43.62% बढ़कर ₹122.53 करोड़ हुआ
सूरत। औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनी स्टीमहाउस इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने स्टीम से 122.53 करोड़ का राजस्व, 24.68 करोड़ का EBITDA और 7.77 करोड़ का शुद्ध लाभ (PAT) दर्ज किया।
पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का स्टीम से राजस्व 85.31 करोड़, EBITDA 14.24 करोड़ और शुद्ध लाभ 2.91 करोड़ रहा था। इस तरह सालाना आधार पर कंपनी का राजस्व 43.62 प्रतिशत, EBITDA 73.38 प्रतिशत और शुद्ध लाभ 167.14 प्रतिशत बढ़ा है।
स्टीम बिक्री में 12 प्रतिशत की वृद्धि
कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, दूसरी तिमाही में कुल 3,01,642 टन स्टीम की बिक्री हुई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 2,69,185 टन था। इसमें सालाना आधार पर 12.06 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
हालांकि, पहली तिमाही की तुलना में दूसरी तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन में गिरावट रही। पहली तिमाही में स्टीम से राजस्व 123.37 करोड़ था, जो दूसरी तिमाही में 0.69 प्रतिशत घटकर 122.53 करोड़ रह गया। इसी तरह EBITDA 30.93 करोड़ से घटकर 24.68 करोड़ और शुद्ध लाभ ₹18.34 करोड़ से घटकर 7.77 करोड़ रह गया।
औद्योगिक क्लस्टरों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
स्टीमहाउस इंडिया कम्युनिटी बॉयलर सुविधाओं और पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से औद्योगिक इकाइयों को स्टीम उपलब्ध कराती है। कंपनी नाइट्रोजन उत्पादन और वितरण के कारोबार में भी सक्रिय है। इसका उद्देश्य विभिन्न विनिर्माण क्षेत्रों की औद्योगिक ऊर्जा और प्रक्रिया संबंधी जरूरतों को पूरा करना है।
कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर विशाल एस. बुधिया ने कहा कि लिस्टेड कंपनी के रूप में आगे बढ़ते हुए प्रबंधन का जोर परिचालन दक्षता, अनुशासित क्रियान्वयन और औद्योगिक ग्राहकों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर है। कंपनी स्टीम और नाइट्रोजन कारोबार को मजबूत करने के साथ पूंजी का विवेकपूर्ण उपयोग और योजनाबद्ध विस्तार जारी रखेगी।
हरियाणा में 500 करोड़ के निवेश की संभावनाएं
कंपनी ने हाल ही में हरियाणा सरकार के हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन सेंटर (HEPC) के साथ 500 करोड़ के संभावित औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत राज्य में कम्युनिटी बॉयलर इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक क्लस्टरों में स्टीम उत्पादन एवं वितरण से जुड़े अवसरों का अध्ययन किया जाएगा।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह समझौता संभावनाओं की पड़ताल के लिए है। इसे किसी परियोजना का आवंटन या किसी विशेष सुविधा के निर्माण की प्रतिबद्धता नहीं माना जाना चाहिए।



