
सूरत। नवरात्रि के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ‘रेंट ए पार्टनर’ नाम की संदिग्ध पोस्ट को लेकर सूरत के सांसद मुकेश दलाल ने पुलिस से जांच की मांग की है। सांसद ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर पोस्ट के पीछे के लोगों और इसके उद्देश्य की जांच करने की मांग की है। उन्होंने युवाओं से भी सोशल मीडिया पर आने वाली ऐसी संदिग्ध और लुभावनी पोस्ट से सावधान रहने की अपील की है।
1000 से 2000 रुपए तक के पैकेज का दावा
सांसद के मुताबिक, कुछ नागरिकों ने उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट की जानकारी दी। इसमें गरबा खेलने के लिए ‘पार्टनर’ उपलब्ध कराने के नाम पर अलग-अलग पैकेज बताए गए हैं। पोस्ट में सिल्वर पैकेज के लिए 1000 रुपए, गोल्ड पैकेज के लिए 1500 रुपए और प्लेटिनम पैकेज के लिए 2000 रुपए की राशि दर्शाई गई है।
मुकेश दलाल ने कहा कि गरबा जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन के दौरान इस तरह की पोस्ट का सामने आना गंभीर विषय है। उन्होंने पुलिस से यह पता लगाने की मांग की है कि पोस्ट किसने तैयार की, इसे कौन संचालित कर रहा है और इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या है।
साइबर फ्रॉड की आशंका, पुलिस से जांच की मांग
सांसद ने आशंका जताई कि ऐसी पोस्ट के जरिए युवाओं को आकर्षित कर उनसे ऑनलाइन भुगतान करवाया जा सकता है और बाद में साइबर ठगी की जा सकती है। उन्होंने पुलिस से मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच करने और यदि कोई अपराध सामने आए तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
गरबा आयोजकों से ID चेक करने की अपील
नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों में प्रवेश को लेकर सांसद मुकेश दलाल ने कहा कि आयोजकों को गरबा खेलने आने वाले लोगों की पहचान की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ID कार्ड चेक करने के बाद ही प्रवेश दिया जाना चाहिए। सांसद ने स्पष्ट रूप से कहा कि गरबा आयोजनों में केवल सनातन धर्म के लोगों को प्रवेश दिया जाना चाहिए।
ऑर्केस्ट्रा में कलाकारों को लेकर भी दिया बयान
गरबा आयोजनों में ऑर्केस्ट्रा के लिए अन्य धर्म के कलाकारों को शामिल किए जाने के सवाल पर सांसद ने कहा कि आयोजकों को इस विषय पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऑर्केस्ट्रा में भी अन्य धर्म के लोग शामिल न हों तो बेहतर होगा। हालांकि, उन्होंने विशेष रूप से गरबा खेलने आने वाले लोगों की पहचान की जांच पर जोर दिया।
युवाओं से सोशल मीडिया पोस्ट से सावधान रहने की अपील
सांसद ने युवाओं से अपील की कि सोशल मीडिया पर आने वाली किसी भी आकर्षक या संदिग्ध पोस्ट पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। उन्होंने कहा कि बिना जांच-पड़ताल के किसी अज्ञात व्यक्ति या संस्था को ऑनलाइन भुगतान नहीं करना चाहिए।



