
सूरत। दक्षिण गुजरात के टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े विभिन्न एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों की बैठक मंगलवार को सरसाणा स्थित चैंबर कार्यालय में हुई। बैठक में क्रूड ऑयल के दाम, एफपीपीपीए बिजली दर में वृद्धि, डीजीवीसीएल के अघोषित पावरकट और श्रम कानूनों के अमल सहित उद्योग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
चैंबर अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि कृषि के बाद MSME क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। ऐसे में बढ़ती उत्पादन लागत और अनुपालन संबंधी चुनौतियों के बीच टेक्सटाइल उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखना जरूरी है।
उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि क्रूड ऑयल बढ़ने पर यार्न के दाम तुरंत बढ़ते हैं, इसलिए क्रूड के दाम घटने पर यार्न की कीमतों में भी तत्काल कमी मिलनी चाहिए। वहीं जुलाई 2026 से एफपीपीपीए दर में प्रति यूनिट 15 पैसे की वृद्धि और 3.99% वैरिएबल एफपीपीपीए चार्ज के साथ बार-बार होने वाले अघोषित पावरकट से उत्पादन लागत और नुकसान बढ़ने पर चिंता जताई गई।
बैठक में PF-ESIC नियमों के पालन, श्रमिकों के नकद वेतन तथा एम्ब्रॉयडरी कारीगरों के काम के घंटे और साप्ताहिक अवकाश जैसे मुद्दों पर भी सुझाव दिए गए। बैठक में चैंबर उपाध्यक्ष रवि राज देसाई, मानद कोषाध्यक्ष अतुल पटेल सहित टेक्सटाइल व वीविंग एसोसिएशनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।



